संतुरा मंदिर से लेकर गस्ती बैंड तक  एनएच 707A  की बदहाली से जनता परेशान है. बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई सुधार नहीं किया गया।  जिससे लोग काफी गुस्से में है।  और अगर दूसरी बात   धरातल की की जाए तो स्थिति और ही बयां कर रही है। अब शिकायत करें भी तो करें कहाँ क्योंकि कोई सुनने वाला है ही नहीं,,,,. यहां दो पहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुके हैं. पिछले काफी सालो से  हाल खराब  है।  लेकिन सुधार की बजाय हालात बिगड़ते जा रहे हैं. क्षेत्र के लोग जान जोखिम में डालकर हाईवे पर कैसे वाहन चलाते हैं, तस्वीरें देखकर खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है.

सड़कों की इस दुर्दशा के चलते आज के यात्रियों से भरा टेंपो वाहन बाल-बाल पलटने से बचा,वहीं यदि दूसरी और देखा जाए तो सड़कों पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे बने हैं जो कि बिल्कुल धान की रोपाई के लिए तैयार हैं सड़कों के किनारे की नालियां बंद पड़ी है, कौज बंद पड़े हैं और कई किलोमीटर तक सड़कों पर पानी बहकर जा रहा है

लेकिन क्या करें शासन-प्रशासन कौन सी निंद्रा में सो रखा है भगवान जाने वहीं दूसरी ओर स्थानीय जनप्रतिनिधि भी गहरी निंद्रा में सोए हैं क्योंकि इनका भी कुछ ना कुछ दायित्व बनता है कि इस प्रकार की सड़कों के लेकर अपनी कुछ प्रतिक्रियाएं दें या उच्च अधिकारियों को अपने माध्यम से अवगत करवाएं लेकिन मजाल नहीं जो कोई इस प्रकार का पुण्य कार्य कर दे और सड़क की दुर्दशा को सही करवा दें।

प्रतिदिन हजारों वाहन इस मार्ग से होकर गुजरते हैं कहीं वाहन चालकों ने तो मुझे भी व्यक्तिगत तौर पर कहा है कि इस गड्ढे युक्त सड़क में हमारी गाड़ियों का दिन प्रतिदिन नुकसान हो रहा है लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं। और तो जाने दो मात्र 20 दिन बाद चार धाम की यात्रा भी शुरू होने वाली है जिसमें इस मार्ग से होकर भी हजारों वाहन गुजरेंगे,,,,, अब मुझे भी यहां की समस्या को बार-बार अवगत करवाने में शर्म सी महसूस होने लगी है क्योंकि कई बार चैनल के माध्यम से वह कई बार अखबार के माध्यम से खबरें भी लगाई लेकिन अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंगी।

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