देहरादून : देश के कई राज्यों में कोरोना (कोविड 19) के मामले एक बार फिर से बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में कोरोना की बढ़ती रफ्तार ने स्वास्थ्य मंत्रालय की भी चिंता बढ़ा दी है. जिसके बाद विभाग ने लोगों से मास्क का प्रयोग करने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की है. साथ ही लोगों को भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहने की भी सलाह दी गई है. आइए आपको बताते हैं कि दिल्ली और मुंबई के पिछले दस दिनों के आंकड़ों से कितनी तेजी से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।
पिछले 10 दिनों में मुंबई में लगभग हर दिन 100 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं. देश की आर्थिक राजधानी में तीन अप्रैल को 75 मामले सामने आए हैं. इससे पहले दो अप्रैल को 172 मामले सामने आए थे। मुंबई के पिछले 10 दिनों के आंकड़े यहां देखें-
3 अप्रैल- 75
2 अप्रैल- 172
1 अप्रैल- 189
31 मार्च- 177
30 मार्च- 192
29 मार्च- 139
28 मार्च- 135
27 मार्च- 66
26 मार्च- 123
25 मार्च- 105
दिल्ली के आंकड़े डराने वाले हैं
वहीं अगर देश की राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां के आंकड़े और भी डराने वाले हैं। दिल्ली में रोजाना केसों की संख्या 400 के पार पहुंच गई है. राजधानी में 3 अप्रैल को 293 केस मिले हैं। इससे पहले दो अप्रैल को 429 मामले सामने आए थे। जो सात महीने में सबसे ज्यादा है। बावजूद इसके दिल्ली के बाजारों में लोगों की भीड़ लग रही है. यहां देखें दिल्ली के पिछले 10 दिनों के आंकड़े-
3 अप्रैल- 293
2 अप्रैल- 429
1 अप्रैल- 416
31 मार्च- आंकड़े जारी नहीं किए
30 मार्च- 295
29 मार्च- 300
28 मार्च- 214
27 मार्च- 115
26 मार्च- 153
25 मार्च- 139
विशेषज्ञों का क्या कहना है?
दिल्ली में कोविड-19 मामलों में अचानक उछाल के बीच, विशेषज्ञों का कहना है कि संख्या से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है और कमजोर आबादी, विशेष रूप से कम प्रतिरक्षा वाले लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।
महामारी विशेषज्ञ और जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. चंद्रकांत लहरिया ने कहा कि संक्रमण और बीमारी में स्पष्ट अंतर है. इसका मतलब है कि लोग सकारात्मक परीक्षण कर रहे हैं, लेकिन उनमें गंभीर लक्षण नहीं हैं। लहरिया ने यह भी कहा कि जब तक कोई नया गंभीर स्ट्रेन सामने नहीं आता या अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या नहीं बढ़ती तब तक चिंता करने की कोई बात नहीं है.


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