देहरादून : उत्तराखंड में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है. सोमवार को राज्य में 30 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए। जिसमें सबसे ज्यादा 26 मामले देहरादून जिले में सामने आए हैं। प्रदेश में तीन महीने बाद एक दिन में इतनी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मिले हैं।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में 550 सैंपल की जांच की जा चुकी है. जिसमें 30 कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इनमें से 26 देहरादून में, एक-एक हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी और चमोली जिलों में पाए गए हैं। इस साल अब तक कोरोना के 314 मामले सामने आ चुके हैं।

कोरोना संक्रमित महिला की मोत
दून अस्पताल में भर्ती 54 वर्षीय कोरोना संक्रमित महिला की मौत हो गई है। नोडल अधिकारी अनुराग अग्रवाल के अनुसार रजूपर रोड निवासी महिला को रविवार रात भर्ती कराया गया था। उन्हें कई अन्य गंभीर समस्याएं भी थीं। सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई। फिलहाल पांच मरीज अस्पताल में भर्ती हैं।

सीएचसी के पर्यावरण मित्र गरमपानी में कोरोना संक्रमण की पुष्टि

लंबे समय तक यहां शांत रहने के बाद एक बार फिर से कोरोना वायरस ने सक्रिय होना शुरू कर दिया है। यहां सीएचसी गरमपानी का पर्यावरण मित्र कोरोना संक्रमित पाया गया है। कोविड लैब के नोडल अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है. चिकित्सा प्रभारी डा. सतीश पंत ने पर्यावरण मित्र के संक्रमित होने के बाद विशेष सतर्कता गाइडलाइन जारी करते हुए सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों को अलर्ट कर दिया है.कोसी घाटी में एक बार फिर कोरोना की दस्तक हो गई है.

 पर्यावरण मित्र  कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से सीएचसी में हड़कंप मच गया। कई दिनों से अस्वस्थ पर्यावरण मित्र व एक अन्य मरीज के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभाल रहे डाॅ. सतीश पंत के निर्देश पर सोमवार को कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए गए। जांच में पर्यावरण मित्र में कोरोना की पुष्टि हुई जबकि एक अन्य व्यक्ति निगेटिव निकला।

कोविड लैब के प्रभारी मदन गिरी गोस्वामी ने पर्यावरण मित्र में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि की है. संक्रमित व्यक्ति को होम आइसोलेशन में भेज दिया गया है। चिकित्सा प्रभारी डॉ. सतीश पंत के मुताबिक सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों को अलर्ट कर गांवों से रोजाना रिपोर्ट मंगाने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कोविड जांच-टीकाकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कोविड जांच और टीकाकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के मद्देनजर केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जायेगा.तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही 15 अप्रैल से पहले यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को विधानसभा भवन में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि कोरोना को ध्यान में रखते हुए बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों सहित सार्वजनिक स्थानों पर एकीकरण शिविर लगाए जाएं, ताकि कोई यात्री कोरोना की चपेट में न आए।

सचिव स्वास्थ्य डा आर राजेश कुमार, महानिदेशक स्वास्थ्य डा विनीता शाह, मेडिकल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो हेमचंद्र, निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्राचार्य दून मेडिकल कालेज डा आशुतोष सयाना, निदेशक स्वास्थ्य डा सुनीता टम्टा, भारती राणा व डा मीतू शाह  सहित विभागीय अधिकारी बैठक में  मौजूद थे.

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