देहरादून : राज्य आपदा प्रबंधन विभाग चारधाम यात्रा के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर अपनी तैयारियों का परीक्षण करेगा। इसके लिए 18 अप्रैल को चारधाम यात्रा को लेकर जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की जाएगी. जबकि 20 को इन जिलों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।
इस संबंध में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन ने मॉक ड्रिल के दौरान समन्वय अधिकारियों को तैनात करने और लोगों में जन जागरूकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. साथ ही मंडल नोडल अधिकारियों, सेक्टर अधिकारियों के विवरण, इंसीडेंट कमांडरों की तैनाती, उनकी स्थिति, सैटेलाइट फोन नंबर सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों पर चर्चा की गई।
व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा
बैठक में पुलिस कर्मियों, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की तैनाती पर भी चर्चा हुई। चार धाम यात्रा मार्ग पर चेक प्वाइंट, जीआईएस प्लेटफॉर्म पर तीर्थयात्रियों के प्रवेश और ठहरने के स्थानों पर भी चर्चा की गई।इसके अलावा चात्रा से संबंधित तीन जिलों चमोली, रुद्रप्रयाग व उत्तरकाशी के डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान, यात्रा कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं, तीर्थ यात्रियों के लिए सुविधाओं, आवश्यक संसाधनों की पूर्व में ही व्यवस्था, एनजीओं व वॉलियंटर्स का लोकेशन के साथ विवरण, यात्रियों के रहने की व्यवस्था, हेलीकॉप्टर सेवाएं, जनजागरूकता रणनीतियां, राहत शिविर, अस्पतालों, एटीएम व पेट्रोल पंपों की व्यवस्था पर व्यापक चर्चा की गई।
इस अवसर पर अपर सचिव सविन बंसल, आनंद श्रीवास्तव उपस्थित थे। बैठक में उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, चमोली, कुदराप्रयाग, हरिद्वार के जिलाधिकारी, एनडीआरएफ 15वीं वाहनी गदरपुर ऊधमसिंह नगर के कमांडर, भारतीय वायुसेना के अधिकारी, विभिन्न जिलों के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए.

