देहरादून। राज्य के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने चार धाम यात्रा की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की. जिसमें उन्होंने चार धाम यात्रा में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य सहायक स्टाफ की तैनाती के संबंध में विस्तृत समीक्षा की. डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने चार धाम यात्रा के मार्ग पर 6 दर्जन आपातकालीन सेवा 108 समेत कुल 200 एंबुलेंस तैनात की हैं.जिसमें ऑक्सीजन सिलेंडर सहित जीवन रक्षक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यात्रा मार्गों पर तैनात आपातकालीन सेवा 108 का प्रतिक्रिया समय घटाकर 15 मिनट कर दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव से लौटने के तुरंत बाद विधानसभा कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चार धाम यात्रा की समीक्षा बैठक की. जिसमें उन्होंने तीर्थयात्रियों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।डॉ रावत ने कहा कि केदारनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए विशेष रूप से बनाए गए एमआरपी (मेडिकल रिस्पांस प्वाइंट) पर तैनात चिकित्सा कर्मियों को आवश्यक जीवन रक्षक उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.

इसके साथ ही उन्होंने गंगोत्री, यमुनोत्रा और बदरीनाथ यात्रा मार्गों के साथ स्थित स्थायी और अस्थायी चिकित्सा इकाइयों में पर्याप्त दवाओं के साथ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती पर विशेष ध्यान देने को कहा.उन्होंने कहा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर को बदरीकेदार और हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए आधार शिविर बनाया गया है जहां कार्डियक यूनिट और अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात रहेंगे. इसी तरह गंगोत्री, यमुनोत्री से आने वाले यात्रियों के लिए एम्स ऋषिकेश में बेस कैंप बनाया गया है ताकि आपात स्थिति में किसी भी यात्री को निर्धारित समय में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके. विभागीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है.
हालांकि सभी को सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पूरे प्रदेश में अधिक से अधिक कोरोना टेस्टिंग एवं टीकाकरण अभियान चलाने के निर्देश दिये तथा आम लोगों को भी कोरोना के प्रति जागरूक रहने को कहा.
अपर सचिव स्वास्थ्य अमरदीप कौर, अपर सविच अरूणेन्द्र सिंह चौहान, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. भारती राणा, अपर निदेशक डा. मीतू शाह, संयुक्त निदेशक डा. सुनीता चुफाल, कुलसचिव उत्तराखंड मेडिकल यूनिवर्सिटी डा.एम.के. पंत, डॉ. अनिल मोहन सहित अन्य विभागीय अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।


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