बड़कोट : यमुनोत्री धाम और पदयात्री मार्ग पर स्वास्थ्य विभाग हर कदम पर स्वास्थ्य सुविधा का दावा कर रहा है. लेकिन विभाग ने दो ऑक्सीजन सिलेंडर और एक स्वास्थ्यकर्मी तैनात करने के अलावा बैठने की व्यवस्था नहीं की है, तीर्थयात्रियों को बैठे-बैठे ही ऑक्सीजन दी जा रही है, जिससे सरकार की छवि धूमिल हुई है. स्वास्थ्य कर्मियों को भी पूरे दिन जमीन पर बैठना पड़ रहा है।
सामाजिक चेतना की मुखर आवाज जय हो समूह ने जिलाधिकारी व मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी से यात्रा मार्गों पर बने ऑक्सीजन केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की मांग की.
दरअसल, यमुनोत्री धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सरकार और जिला प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ जीवन रक्षक दवाओं के साथ स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया है. लेकिन उनके बैठने की व्यवस्था तो छोड़िए, आम श्रद्धालुओं को फर्श पर बैठाकर इलाज किया जा रहा है. बारिश होने पर पानी अंदर चला जाता है। जिससे स्वास्थ्य कर्मियों के साथ श्रद्धालु भी पानी पानी हो जा रहे हैं।
सामाजिक चेतना की बुलंद आवाज जय हो ग्रुप के संयोजक सुनील थपलियाल ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी व सीएमओ उत्तरकाशी से सभी केंद्रों पर उचित फर्नीचर की व्यवस्था करने की मांग की है.
उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक चार स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग के एफएमआर तैनात हैं, जिन्हें टीन शेड दिये गये हैं. स्वास्थ्य विभाग से पहले बैठने की व्यवस्था के लिए कहा गया था, अगर व्यवस्था नहीं की तो उन्हें पुनर्निर्देशित किया जाएगा।


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