जौनसार बावर के देवता चालदा महासू महाराज 29 अप्रैल 2023 को सुबह 11 बजे समाल्टा से दसोऊ के लिए रवाना हुए। इससे पहले करीब 67 साल बाद महाराज 24 नवंबर 2021 को समाल्टा खत पहुंचे थे.

समाल्टा प्रवास के ये 18 महीने कब बीत गए पता ही नहीं चला। आज जब महाराज की विदाई हुई तो पूरे खत के लोगों की आंखों में आंसू थे। समाल्टा में आज आस्था की अद्भुत भीड़ उमड़ी। महाराज की इस यात्रा में लगभग 30,000 लोग शामिल हुए।सभी भक्तों ने हर्षोल्लास से इस यात्रा को देखा। महाराज के समाल्टा से सहिया तक की 5 किमी की यात्रा पूरी करने में 6 घंटे का समय लगा।

आगे महाराज की छत्र चल रही थी और पीछे डोली चल रही थी। साहिया से नराया महाराज रात 12 बजे रात पहुंचे। 1 मई को नराया से दसोऊ के लिए रवाना होंगे। चालदा महाराज स्थायी रूप से एक स्थान पर नहीं रहते बल्कि एक वर्ष से दो वर्ष तक विभिन्न स्थानों पर रहते हैं।