नई टिहरी। नैनबाग में बैठकर लखवाड़ जलविद्युत परियोजना से प्रभावित काश्तकारों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अपनी विभिन्न मांगों पर चर्चा की. बैठक में प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की मांग की गई.
नैनबाग में यमुना नदी पर प्रस्तावित 320 मेगावाट लखवाड़ जलविद्युत परियोजना से प्रभावित काश्तकारों एवं स्थानीय लोगों के प्रतिनिधियों ने नैनबाग स्थित लोनिवि गेस्ट हाउस में बैठक कर उनकी समस्याओं पर चर्चा की. नैनबाग अनुसूचित जनजाति विकास मेला समिति के सचिव प्रदीप कवि ने कहा कि जलविद्युत परियोजना के निर्माण से जौनपुर तहसील के रणोगी और कुणा गांव की 60 प्रतिशत से अधिक भूमि प्रभावित होगी. प्रभावित ग्रामीणों को समय से उचित मुआवजा दिलाने के साथ ही ग्रामीणों को रोजगार भी मिले।
लखवाड़ बांध परियोजना एवं श्रम समिति के अध्यक्ष बचन सिंह पुंडीर ने कहा कि परियोजना से प्रभावित लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों को पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी जाएगी। बैठक में राज्य सरकार द्वारा देहरादून जिले के जौनपुर क्षेत्र में नैनबाग और धनोल्टी तहसील को शामिल करने पर भी चर्चा हुई।
उप मुखिया सरदार सिंह कंडारी, डॉ. वीरेंद्र रावत, शरण सिंह पंवार, विक्रम कैंतुरा, इंद्रदेव डोभाल, अर्जुन रावत, श्याम सिंह चौहान, बचन सिंह रावत, मंसाराम कवि, गुलशन कवि, प्रवीण चौहान, संदीप चौहान, अर्जुन सिंह आदि बैठक में मौजूद थे।
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