मसूरी : सेंट जॉर्ज कॉलेज में तीन दिवसीय मैनरफेस्ट प्रतियोगिता का धूमधाम से समापन हो गया. इस सांस्कृतिक उत्सव के अंतिम दिन कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में पिछले दो दिनों में हुई प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित कर विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
तीन दिवसीय इस आयोजन में रंगोली, माइम, हिंदी कहानी वाचन, कविता प्रतियोगिता और दास्तानगोइ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जूनियर व सीनियर वर्ग की नृत्य प्रतियोगिता रही।
विद्यार्थियों ने लिया बढ़-चढ़ कर हिस्सा : महाविद्यालय की इस वार्षिक सांस्कृतिक प्रतियोगिता में सभी सदनों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया और अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. प्रतियोगिताओं में सब जूनियर वर्ग में मेहतेज सिंह साहनी को, जूनियर में टेनजिन जॉर्डन को, इंटर्स में विनम्र मेहरा को व सीनियर में रूद्रार्थ राणा ने व्यक्तिगत चैंपियनशिप जीती। सर्वाधिक 443 अंक प्राप्त कर टैपसिल्स सदन को विजेता घोषित किया गया। मार्थिन्स सदन 426 अंक पाकर द्वितीय स्थान पर व गेट्लीज सदन 420 अंक पाकर तीसरे स्थान पर रहा।
कार्यक्रम में प्रीतम भरतवाण ने की शिरकत: समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध जागर सम्राट, कवि व संगीतकार पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने छात्रों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें सेंट जॉर्ज जैसे स्कूल में अपनी प्रतिभा को निखारने के अनेक अवसर मिले हैं। विद्यार्थियों के अनुरोध पर उन्होंने अपना प्रसिद्ध गढ़वाली गीत सरूली मेहरू गाया।
जिसका दर्शकों ने खूब लुत्फ उठाया। इस मौके पर मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. प्रीतम भरतवाण ने कहा कि सेंट जॉर्ज कॉलेज विश्व प्रसिद्ध कॉलेज है. बच्चों ने पढ़ाई के साथ-साथ बहुत ही सुंदर कार्यक्रम प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों को पढ़ाई के तनाव से मुक्ति मिलती है। मेरी कोशिश रहेगी कि बच्चों को पहाड़ी लोक संस्कृति से रूबरू करा सकूं।
प्रधानाचार्य भाई रमेश अमलानाथन ने विजेताओं को बधाई दी और कहा कि प्रत्येक छात्र को मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहिए। क्योंकि हर छात्र में कोई न कोई छिपी हुई प्रतिभा होती है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि स्कूल में सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें सभी छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा दिखाई।
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