मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी को जल्द ही पानी की किल्लत से निजात मिलेगी। यमुना से जलापूर्ति शुरू होने के साथ ही केंद्र सरकार की बहुप्रतीक्षित यमुना मसूरी पेयजल योजना का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है. जिसके बाद मसूरी के लोगों में खुशी की लहर देखी गई. योजना के सफल ट्रायल पर व्यापारी संघ ने पटाखे फोड़कर, मिठाइयां बांटकर और ढोल नगाड़े बजाकर जश्न मनाया.

उत्तराखंड पेयजल निगम द्वारा यमुना मसूरी पेयजल योजना का सफल परीक्षण किया गया। इसके बाद विभाग द्वारा तकनीकी निरीक्षण के बाद इस योजना का लाभ आसानी से मिलना शुरू हो जाएगा। 144 करोड़ की लागत से बने मसूरी के लोगों को 2052 तक इसका लाभ मिलेगा। इस दौरान मसूरी में कहीं भी पानी की किल्लत नहीं होगी। इस योजना के सफल ट्रायल के बाद अधिकारियों में खासा उत्साह देखने को मिला। इस योजना का काम 2020 में शुरू हुआ था और आज यमुना के पानी को राधा भवन टैंक तक पहुंचाया गया है।

गौरतलब हो कि पर्यटन सीजन शुरू होते ही मसूरी में पानी की किल्लत शुरू हो गई थी और टैंकरों से पानी की आपूर्ति की गई थी. जिससे व्यवस्थाएं ठप हो गई, लोगों को पानी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस योजना के क्रियान्वयन में क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी व राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी की अहम भूमिका रही है.

नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने भी यमुना का पानी मसूरी पहुंचने पर खुशी जाहिर करते हुए मसूरी की जनता को बधाई दी. उन्होंने केंद्र सरकार, मंत्री गणेश जोशी और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को भी धन्यवाद दिया।

जीएम प्रोजेक्ट मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि योजना पूरी हो चुकी है और कुछ तकनीकी परीक्षणों के बाद 22 मई से मसूरी के लोगों को इसका लाभ मिलेगा. इस योजना से मसूरी क्षेत्र के साथ-साथ कोल्हूखेत को भी पानी की आपूर्ति होगी और उसके बाद यह योजना उत्तराखंड जल संस्थान को हस्तांतरित कर दी जाएगी।उन्होंने कहा कि जलापूर्ति की जांच के बाद कहीं भी लीकेज की सूचना नहीं मिली और योजना पूरी तरह सफल रही. उन्होंने कहा कि यह योजना मसूरी के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना से मसूरी नगर पालिका क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा। इस योजना से देहरादून को पानी की आपूर्ति नहीं की जाएगी।

ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि इस योजना से मसूरी वासियों को अगले तीस साल तक पानी की कमी नहीं होगी. जिन होटलों और होम स्टे को पहले टैंकरों से पानी मिलता था, उन्हें अब पानी नहीं भरना पड़ेगा. सीवर लाइन के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना मसूरी के लिए है। इसके चलते मसूरी के बाहर पानी नहीं जाने दिया जाएगा।अगर ऐसा हुआ व मसूरी के समीपवर्ती क्षेत्र कुठालगेट व वहां बने अपार्टमेंट को दिया जायेगा तो मसूरी को इसका लाभ नहीं मिल पायेगा व समस्या वहीं रह जायेगी। अगर ऐसा हुआ तो इसका विरोध किया जायेगा

वहीं होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने भी मसूरी की जनता को यमुना पेयजल योजना के सफल ट्रायल के लिए बधाई दी है. उन्होंने कहा कि इस योजना के लागू होने के बाद मसूरी में पानी की कमी नहीं होगी।

निकाय चुनाव नतीजों पर अखिलेश यादव ने दी बधाई, बीजेपी पर कसा तंज, कहा- बीजेपी वोट देकर नहीं बल्कि फर्जी वोट काउंटिंग से जीत रही है