राफ्टिंग के दौरान पर्यटकों और गाइडों के बीच मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में पर्यटकों और राफ्टिंग गाइड के बीच मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ये वीडियो ब्रह्मपुरी का बताया जा रहा है. वीडियो में राफ्टिंग गाइड और टूरिस्ट एक-दूसरे को पैडल मारते नजर आ रहे हैं। जिसके बाद एक यात्री राफ्ट में सवार अपनी जान बचाने के लिए गंगा में कूद जाता है।
इस बीच, एक अन्य गाइड यात्री को अपनी राफ्ट में बैठाकर उसकी जान बचाता है। राफ्टिंग के दौरान टूरिस्ट और गाइड के बीच मारपीट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है, लेकिन पर्यटन विभाग के अधिकारी इससे बेखबर हैं. अधिकारियों का कहना है कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है।
दरअसल, ऋषिकेश राफ्टिंग के लिए मशहूर है। दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ये पर्यटक यहां मरीन ड्राइव, शिवपुरी, ब्रह्मपुरी और क्लब हाउस से राफ्टिंग करते हैं। इसके लिए ऑनलाइन के साथ ही ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। राफ्ट संचालक अपने वाहनों में पर्यटकों को राफ्टिंग प्वाइंट तक ले जाते हैं।मार्च से जून तक राफ्टिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होती है। जिससे पर्यटकों और गाइड के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है।
गो प्रो कैमरा विवाद का कारण बनता है
बताया जा रहा है कि गाइड और टूरिस्ट के बीच विवाद की असली वजह गो प्रो कैमरा है। दरअसल, इस कैमरे का इस्तेमाल राफ्टिंग के दौरान गंगा की लहरों और उसके रोमांच को फिल्माने के लिए किया जा सकता है। गाइड इन कैमरों से वीडियो शूट करने के लिए पर्यटकों से मोटी रकम वसूलते हैं
लेकिन पर्यटन विभाग ने राफ्टिंग के दौरान इन कैमरों के संचालन पर रोक लगा दी है। फिर भी राफ्टिंग गाइड पर्यटकों को गो-प्रो कैमरों के साथ वीडियो बनाने का सौदा करते हैं। कहा जा रहा है कि जो टूरिस्ट शूटिंग करने से मना करते हैं, गाइड उनके साथ बदसलूकी करने लगते हैं और कई बार बात मारपीट तक बढ़ जाती है।
राफ्टिंग के दौरान पर्यटकों और गाइडों के बीच झगड़े की कोई शिकायत नहीं है। शिकायत मिलने पर गाइड व राफ्ट संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -खुशाल सिंह नेगी, साहसिक खेल पर्यटन अधिकारी टिहरी
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