केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ओडिशा ट्रेन हादसे की जांच शुरू कर दी है। रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि सीबीआई की 10 सदस्यीय टीम ने सोमवार को बालासोर ट्रेन दुर्घटना स्थल का दौरा किया और दुर्घटना की जांच शुरू की। ईस्ट कोस्ट रेलवे के तहत खुर्दा रोड डिवीजन के डीआरएम रिंकेश रे ने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के आधार पर बालासोर में हुए ट्रेन हादसे की सीबीआई जांच शुरू कर दी गई है. लेकिन अभी विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है।

रेलवे बोर्ड ने रविवार को हादसे की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इससे पहले रेल सुरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक ने घटनास्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बहनागा बाजार रेलवे स्टेशन के कंट्रोल रूम, सिग्नल रूम और सिग्नल प्वाइंट का भी दौरा किया. बता दें कि 3 जून को बालासोर में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने ट्रेन दुर्घटना को लेकर भारतीय दंड संहिता और रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था.

तीन घायलों की मौत के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 278 हो गई है।
वहीं, रेलवे ने कहा कि सोमवार को तीन घायलों की मौत के बाद ओडिशा रेल हादसे में मरने वालों की आधिकारिक संख्या बढ़कर 278 हो गई है. हालांकि, ओडिशा सरकार के आंकड़ों के मुताबिक मरने वालों की संख्या अब भी 275 है. खुर्दा रोड मंडल के डीआरएम रिंकेश रे ने बताया कि दो जून को तीन ट्रेनों के आपस में टकराने से हुए हादसे में 278 लोगों की मौत हो गयी और 1100 लोग घायल हो गये.

आपको बता दें कि ट्रेन हादसे के बाद दूसरे दिन मरने वालों की संख्या 288 बताई गई थी, लेकिन ओडिशा सरकार ने रविवार को आंकड़ों में संशोधन करते हुए 275 लोगों के मरने की जानकारी दी. इसने दावा किया कि कुछ शवों की दो बार गिनती की गई थी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उनके राज्य में हादसों में 61 लोगों की मौत हुई है और 182 लोग अब भी लापता हैं.

278 शवों में से 177 की शिनाख्त हो चुकी है।
डीआरएम रिंकेश रे ने बताया कि फिलहाल 200 से कम लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया कि 278 शवों में से 177 की शिनाख्त हो चुकी है जबकि 101 शवों की पहचान होनी बाकी है और इन शवों को छह अलग-अलग अस्पतालों में रखा गया है.

उन्होंने कहा कि लापता व्यक्ति का पता लगाने के लिए रेलवे ने ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में लोगों को तैनात किया है। उन्होंने कहा कि शवों को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित किया जाएगा।

रेल दुर्घटना पीड़ितों के दावों का बीमा कंपनियां प्राथमिकता के आधार पर निपटाएंगी
एसबीआई लाइफ समेत कई बीमा कंपनियों ने ओडिशा ट्रेन हादसे में मारे गए लोगों के दावों का जल्द निपटारा करने की घोषणा की है, ताकि पीड़ितों के परिवारों को तत्काल आर्थिक राहत मिल सके. जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के अध्यक्ष तपन सिंघल ने कहा, “हमने पीड़ितों की सहायता के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन और डिजिटल क्षमताएं बनाई हैं।

ताकि ग्राहकों या उनके परिवार के सदस्यों को बीमा कंपनियों तक पहुंचने में आसानी हो। सिंघल ने कहा कि बीमा कंपनियों ने इस तरह के दावों में तेजी लाने और बीमाधारक के दावों को बिना किसी परेशानी के और जल्द से जल्द निपटाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। एसबीआई लाइफ ने पॉलिसीधारकों की सुविधा के लिए एक टोल फ्री नंबर 1800 267 9090 भी जारी किया है। दावा निपटान के लिए दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। अन्य कंपनियों ने भी इसी तरह के कदम उठाए हैं।

ट्रेन हादसे में खोए शवों की अस्थियां गंगा में विसर्जित की जाएंगी।
श्री देवोत्थान सेवा समिति ने बालासोर में हुए भीषण ट्रेन हादसे में लावारिस शवों के दाह संस्कार के बाद रखे गए कलश का वैदिक रीति से निस्तारण करने का निर्णय लिया है. हरिद्वार के कनखल सतीघाट में 100 किलो दूध के साथ वैदिक रीति से अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा।

समिति के अध्यक्ष अनिल नरेंद्र ने कहा है कि इस हृदयविदारक हादसे से पूरा देश स्तब्ध है. लावारिश लाशों के ढेर की खबर से संस्था में हड़कंप मच गया है। समिति की एक टीम जल्द ही बालासोर के लिए रवाना होगी। जहां सरकार द्वारा लावारिस शवों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद उनके अस्थि कलश को संग्रहीत करेगा ।

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