मसूरी : शिफन कोर्ट बेघर कमजोर वर्ग एवं अनुसूचित जाति संघर्ष समिति के सदस्यों ने कार्यपालक अधिकारी नगर पालिका पर आरोप लगाते हुए कहा कि शिफन कोर्ट के बेघरों को नगर निगम प्रशासन द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के 3 माह बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है. उनके अनिश्चितकालीन धरना को समाप्त करवाया गया है।

शिफन कोर्ट के बेघर लोगों के लिए आवास निर्माण के संबंध में बोर्ड के प्रस्ताव की सही कॉपी उन्होंने कई बार नगर निगम प्रशासन को नहीं दी. उन्होंने कहा कि यदि पूर्व में की गई उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो शिफन कोर्ट के सभी बेघर लोग 14 जून से नगर निगम परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे.

शिफन कोर्ट समिति के अध्यक्ष संजय टम्टा ने बताया कि 23 मार्च को उप जिलाधिकारी कार्यालय मसूरी सम्पन्न हुई बैठक में 15 दिन के भीतर शिफन कोर्ट के बेघरों के लिए आईडीएच में आवास निर्माण का लिखित आश्वासन देकर 23 दिन से चले आ रहे धरने को समाप्त कराया गया। उन्होने कहा कि पालिका बोर्ड में आईटीएच में भूमि आवास निर्माण का प्रस्ताव पास हो चुका है।लेकिन अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। समिति द्वारा नियमानुसार बोर्ड के प्रस्ताव की सत्यापित प्रति भी नगर पालिका से मंगवाई गई थी, जो एक माह बीत जाने के बाद भी उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे स्पष्ट होता है कि नगर पालिका बेघरों के लिए आवास बनाने को लेकर गंभीर नहीं है.

ऐसे में उन्होंने पालिका अधिशासी अधिकारी 14 जून से नगर निगम कार्यालय परिसर में मनमानी, धोखाधड़ी, ठगी व पुनर्वास के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी.