लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी सीडब्ल्यूसी में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि कहा जा रहा है कि कमेटी में गांधी परिवार यानी सोनिया, राहुल और प्रियंका की जगह पक्की की जाएगी. फरवरी 2023 में रायपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन में, अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सीडब्ल्यूसी के सदस्यों को चुनने के बजाय उन्हें नामित करने का अधिकार दिया गया था।

गांधी परिवार के स्थान की पुष्टि
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के संशोधित संविधान के बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी में पूर्व प्रधानमंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी यानी एआईसीसी के पूर्व अध्यक्ष शामिल होंगे. ऐसे में राहुल गांधी, सोनिया गांधी भी सीडब्ल्यूसी का हिस्सा होंगे. इसके अलावा प्रियंका गांधी के कमेटी में बने रहने की संभावना काफी अधिक है. पार्टी ने कथित तौर पर उन्हें आगामी चुनावों के प्रचार में सक्रिय रहने की जिम्मेदारी सौंपी है।

क्या है सीडब्ल्यूसी को लेकर नियम
सीडब्ल्यूसी में शुरू में 25 सदस्य थे, जिन्हें बढ़ाकर 35 कर दिया गया है। कांग्रेस के संशोधित संविधान ने अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), महिलाओं, युवाओं और अल्पसंख्यकों को शामिल करने का आह्वान किया।

किसका पत्ता कटेगा?
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सीडब्ल्यूसी से महासचिव अविनाश पांडे, पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी, महाराष्ट्र प्रभारी एचके पाटिल, बिहार प्रभारी भक्त चरण दास और केरल के पूर्व सीएम ओमान चंडी के नाम काटे जा सकते हैं. इसके अलावा केएच मुनियप्पा, रघु शर्मा और दिनेश गुंडू राव भी इस समिति से बाहर हो सकते हैं. कहा जा रहा है कि पार्टी को लगता है कि इन नेताओं को उनके अपने राज्यों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

ये जुड़ सकते हैं
ऐसी खबरें हैं कि पार्टी ऐसे नेताओं को शामिल करने पर विचार कर रही है, जिनके पास चुनाव लड़ने का अनुभव है। इसके साथ ही कई नेता युवाओं को भी सीडब्ल्यूसी में लाना चाहते हैं। ऐसी संभावनाएं हैं कि रमेश चेन्नीथला, राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन, पूर्व दलित कांग्रेस प्रमुख नितिन राउत, बीके हरिप्रसाद, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय को इस समिति में शामिल किया जा सकता है.

महा जनसंपर्क अभियान के तहत विशिष्ट लोगों से मुलाकात करते कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विकास तीर्थ में आयोजित टिफिन बैठक में भी हुए सम्मिलित