जौनपुर में ऐतिहासिक मौण मेला धूमधाम से मनाया गया। राजशाही के समय से मनाए जाने वाले इस मेले में गुरुवार सुबह ढोल-दमाऊं के साथ बड़ी संख्या में लोग अगलाड़ नदी पर पहुंचे। पूजा-अर्चना कर नदी में टिमरू पाउडर छिड़का। इससे लोग मछली पकड़ने के लिए नदी में कूद पड़े. देर शाम तक लोग मछली पकड़ने में जुटे रहे।

जौनपुर के ऐतिहासिक मौण मेले में गुरुवार को सुबह 10 बजे से ही लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। परंपरा के अनुसार टिमरू का चूर्ण बनाकर उसे मौन पर रखने की जिम्मेदारी हर साल अलग-अलग जाति के लोगों को दी जाती है। इस साल लालूर पट्टी के नौ गांव के लोगों ने पाउडर बनाया। ढोल-दमाऊं और रणसिंघे के साथ पहुंचे पाटी के लोगों ने पहले अगलाड़ नदी में पूजा की और फिर नदी में मौण धारण करने की रस्म निभाई। जिसके बाद बड़ी संख्या में बच्चे, बड़े और बूढ़े लोग नदी में मछली पकड़ने पहुंचे.

मेले में जौनपुर, जौनसार, उत्तरकाशी और मसूरी क्षेत्र से सटे लगभग 114 गांवों के लोग भाग लेते हैं। मौण टिमरू की बाहरी छाल को सूखाने के बाद उसे पीसकर पाउडर बना लिया जाता है। गुरुवार को बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और देर शाम तक नदी में मछलियां पकड़ीं और खूब मौज-मस्ती की.
आपको बता दें कि जौनपुर विकासखंड के अंतर्गत अगलाड़ नदी में आयोजित पौराणिक राज मौण मेले में टिमरू पाउडर निकालने की पाती इस बार लालूर पट्टी के नौ गांव की है जिसमें यह सभी गांव वाले अब मौण मेले हेतु टिमरू के पाउडर को तैयार करेंगे।

आज मेला शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।

राजा नरेन्द्र शाह ने मौण मेले की शुरूआत की
जौनपुर के लोग वर्षों से ऐतिहासिक मौण मेला मनाते आ रहे हैं। बुजुर्गों के मुताबिक, जौनपुर में मौण मेला मनाने की इस अनोखी परंपरा की शुरुआत टिहरी के राजा नरेंद्र शाह ने की थी। कहा जाता है कि टिहरी के राजा ने स्वयं अगलाड़ नदी में आकर मौण डाली थी । तब से हर साल यह मेला धूमधाम से मनाया जाता है।

हालाँकि, एक समय ऐसा भी आया जब लोग मौन मेले में झगड़ने लगे, तब राजा ने मेले पर प्रतिबंध लगा दिया। लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा मेले में शांति बनाए रखने का आश्वासन देने के बाद मौण मेले को फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई।

इस अवसर पर महिपाल सिंह सजवाण अध्यक्ष मौण मेला , रमेश रोतेला , हुकुम सिंह रावत , राकेश सिंह रावत, विक्रम सिंह सजवाण , राकेश राणा, विक्रम राणा, रामचन्द्र सिंह रावत प्रधान , सुरेश सिंह प्रधान  के साथ अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।

ईद-उल-अजहा 2023: ईद-उल-अजहा आज धूम धाम से मनाया जा रहा है , कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच अदा की गई नमाज