देहरादून: उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण सड़कों में पानी भर जाने की तस्वीरों ने चिंता बढ़ा दी है. इस बीच तमाम सरकारी स्कूलों में वाटर बॉम्बिंग का नजारा भी देखने को मिल रहा है. शायद यही वजह है कि शिक्षा विभाग न सिर्फ जर्जर भवनों से निपटने के लिए तत्काल कदम उठा रहा है, बल्कि इस स्थिति के बीच बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है.
राज्य भर में बारिश से कई जगहों पर हालात बेकाबू हैं. इस बीच सामान्य जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. साथ ही इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर भी देखने को मिल रहा है, लेकिन इस समय बच्चों की पढ़ाई से ज्यादा चिंता उनकी सुरक्षा की है. क्योंकि प्रदेश में ऐसे सैकड़ों स्कूल हैं, जिनकी मरम्मत की जरूरत है, लेकिन समय पर बजट पास नहीं होने के कारण कोई काम नहीं हो पाया है.
अब तमाम स्कूलों से जलभराव को लेकर नई तस्वीरें भी आ रही हैं. यानी आने वाले दिनों में भी बच्चों के लिए स्कूलों में सही जगह पर पढ़ाई करना संभव नहीं है. ऐसे में बच्चों को कैसे पढ़ाया जायेगा, इस पर शिक्षा विभाग ने बैठक कर विचार किया है.

शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में जहां भी स्कूलों की स्थिति खराब है, वहां तुरंत बजट की घोषणा करने को कहा गया है. साथ ही अधिकारियों को स्कूलों की स्थिति के अनुरूप शिक्षकों के शैक्षणिक कार्य को आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिये गये हैं. हालांकि, इस बार शिक्षा विभाग को बेहतर कार्ययोजना बनाकर स्कूलों की स्थिति में सुधार की उम्मीद है.

