देहरादून : उत्तराखंड में सैन्य धाम का निर्माण लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है. सरकार चाहती है की 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले सैन्य धाम बनकर तैयार हो जाए। शहीदों के घरों की मिट्टी और प्रदेश की पवित्र नदियों के जल से पांचवा धाम सैन्य धाम तैयार हो जाए । यह धाम 92 करोड की लागत से बन रहा है।

समाजसेवी मनीष गौनियाल जब गुनियाल गांव गए तो उन्होने देखा इतनी पवित्र भूमि पर भी मजदूर चप्पल जूते लेकर घूम रहे हैं। जिस जगह पर शहीदों के घर की मिट्टी डाली गई वो जगह भी खुली छोड़ी गई है । उस मिट्टी को बरसात के मौसम से बचाया भी नहीं गया। वो खुली पड़ी है। अब इस सैन्य धाम में भी घोटाला लग रहा है। शहीदों की मिट्टी का अपमान हो रहा है। दिल दुःखता है .

अब सवाल उठने लगे हैं जब सैन्य धाम का काम 40 प्रतिशत भी नहीं हुआ है तब कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को प्रतिस्थापन कार्यक्रम कराने की इतनी जल्दी क्यों थी। जिस जगह यह पवित्र आयोजन किया गया वो पवित्र जगह ढकने के लिए पर्याप्त साधन नहीं थे तो ऐसे में क्यों प्रतिस्थापन कराया गया। 90% सैन्य धाम का काम पूरा होने पर प्रतिस्थापन किया जा सकता था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया और सेना द्वारा सजावट के लिए दी गई सामग्री कचरे में फेंकी गई है। यह आप फोटो में देख सकते हैं।

इस पर समाजसेवी मनीष गौनियाल ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा सरकार को सैन्य धाम का उद्घाटन करने की इतनी जल्दी क्यों थी जब वह तैयार ही नहीं था। भू माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए यह सारा काम किया गया है। सैन्य धाम के पास दो नाले थे वह भी कब्जा लिए गए हैं। जेबीटी की मदद से जमीन को समतल किया जा रहा है इसमें तरह-तरह के पौधे लगाकर भू माफियाओं द्वारा इन्हें बेचा जा रहा है। और यह सब हो रहा है कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के राज में। बल्कि जो ये भू माफिया है। ये सब कैबिनेट मंत्री के चेले हैं।

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