रूड़की: बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की में थिंक इंडिया के सहयोग से आयोजित “जी-20 इम्पैक्ट समिट: अनशीलिंग द पोटेंशियल” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. उन्होंने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता भारत के लिए कोई कूटनीतिक अवसर नहीं, बल्कि एक दायित्व है, जो भारत पर दुनिया के भरोसे का पैमाना है.
उन्होंने कहा कि जी-20 उन देशों का समूह है जिनका आर्थिक सामर्थ्य विश्व की 85 प्रतिशत जीडीपी का और विश्व व्यापार का 75 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करती है, जिसमें विश्व की दो-तिहाई आबादी शामिल है, जो आजादी के समय हमें गौरवान्वित करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के जी-20 का विषय एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य है, जो मूल रूप से उस सिद्धांत पर आधारित है जो भारतीय संस्कृति ने दुनिया को दिया है, वसुधैव कुटुंबकम यानी पूरी दुनिया एक परिवार है। जी-20 के लोगो का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 का यह लोगो सिर्फ एक प्रतीक नहीं है बल्कि एक संदेश है, एक भावना है, जो हमारी रगों में है, एक संकल्प है, जो हमारी सोच में समाया हुआ है. .

उन्होंने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के मंत्र के माध्यम से हम सदियों से विश्व बंधुत्व की भावना को जीते आए हैं और हमारी प्राचीन संस्कृति का यही विचार इस लोगो और थीम में परिलक्षित होता है। उन्होंने कहा कि इस लोगो में कमल का फूल भारत की पौराणिक विरासत, हमारी आस्था, हमारी बौद्धिकता और भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करता है।
मुख्यमंत्री ने जी-20 के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका उद्देश्य विविधता का सम्मान करते हुए दुनिया को एक मंच पर लाना है. उन्होंने कहा कि आज दुनिया के लोग भारत को जानने और समझने के लिए उत्सुक हैं। वे हमारी सांस्कृतिक विरासत का अध्ययन कर रहे हैं, वर्तमान की सफलताओं का मूल्यांकन कर रहे हैं और हमारे भविष्य के लिए अभूतपूर्व आशाएँ व्यक्त कर रहे हैं।
ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम इन अपेक्षाओं से आगे बढ़कर दुनिया को भारत की क्षमताओं, दर्शन, सामाजिक और बौद्धिक शक्ति से परिचित कराएं।
‘वसुधैव कुटुंबकम’ के मंत्र के जरिए विश्व बंधुत्व की भावना को हम सदियों से जीते आए हैं: मुख्यमंत्री
रुड़की: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की में थिंक इण्डिया के सहयोग से आयोजित ’’जी-20 इम्पैक्ट समिटः अनशीलिंग द पोटेंशियल’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता भारत के लिए एक राजनयिक अवसर नहीं, बल्कि यह एक जिम्मेदारी है, जो विश्व के भारत पर भरोसे का एक पैमाना है। उन्होंने कहा कि जी-20 ऐसे देशों का समूह है, जिनका आर्थिक सामर्थ्य विश्व की 85 प्रतिशत जीडीपी का तथा विश्व के 75 प्रतिशत व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसमें विश्व की दो-तिहाई जनसंख्या समाहित है, जो आजादी के अमृतकाल में हमारे लिये गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के जी-20 की थीम वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर है, जो मूल रूप से भारतीय संस्कृति द्वारा विश्व को दिए गए सिद्धांत वसुधैव कुटुंबकम पर आधारित है, जिसका अर्थ है समस्त विश्व एक परिवार है। जी-20 के लोगो का उल्लेख करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 का यह लोगो केवल एक प्रतीक चिन्ह नहीं बल्कि एक संदेश है, एक भावना है, जो हमारी रगो में है, यह एक संकल्प है, जो हमारी सोच में शामिल है। उन्होंने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के मंत्र के जरिए विश्व बंधुत्व की भावना को हम सदियों से जीते आए हैं तथा हमारी प्राचीन संस्कृति का यह विचार इस लोगो और थीम में प्रतिबिंबित होता है। उन्होंने कहा कि इस लोगो में कमल का फूल, भारत की पौराणिक धरोहर, हमारी आस्था, हमारी बौद्धिकता, को चित्रित करता है तथा भारत की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतिनिधित्व करता है।
मुख्यमंत्री ने जी-20 के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुये कहा कि इसका उद्देश्य विविधता का सम्मान करते हुए दुनिया को एक मंच पर लाना है। उन्होंने कहा कि आज विश्व के लोगों को भारत को जानने, समझने की उत्कट जिज्ञासा है। वे हमारी सांस्कृतिक धरोहरों का अध्ययन, वर्तमान की सफलताओं का आकलन तथा हमारे भविष्य को लेकर अभूतपूर्व आशाएं प्रकट कर रहे हैं। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम इन अपेक्षाओं से आगे बढ़कर दुनिया को भारत की क्षमताओं, दर्शन, सामाजिक और बौद्धिक ताकत से परिचित कराएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 की तीनों बैठकों में उन्होंने बहुत कुछ सीखा, जहां पहली बैठक में उन्हें विश्व के महान वैज्ञानिकों से मिलने का मौका मिला वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक में अन्य विषयों के अलावा उन्होंने जाना कि किस प्रकार जापान ने भूकंपरोधी भवन बनाने की ऐसी तकनीक का विकास किया है, जो आपदा के समय में भी जापान के लोगो व मकानों को सुरक्षित रखती है, यह भारत और विशेष रूप से उत्तराखंड के लिए उपयोगी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डायनामिक लीडरशिप में आज भारत एक मजबूत अर्थव्यवस्था, नालेज बेस्ड इकोनॉमी, समृद्ध लोकतंत्र, वैश्विक मंच पर शांतिदूत तथा मानवता के प्रयासों में अग्रदूत के रूप में स्थापित हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में आज भारत विश्व की पांचवीं आर्थिक शक्ति बन गया है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को समृद्ध, सशक्त और आर्थिक रूप से मजबूत के नये नजरिए से देख रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध में प्रवासी भारतीयों को सुरक्षित वापस लाना हो या कोरोना काल में दुनिया के कई देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराना, आज भारत हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान दे रहा है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने उत्तराखंड को तीन जी-20 बैठकों की मेजबानी करने का मौका दिया और हमने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है।उन्होंने कहा कि जी-20 की तीन बैठकों के माध्यम से हमने देवभूमि से ‘अतिथि देवो भव’ का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब मैं स्वयं जी-20 की बैठक में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से मिला और उनका भारत के प्रति प्रेम देखा तो वे क्षण मेरे लिए अविस्मरणीय थे।
आईआईटी रूड़की का मुख्यमंत्री ने जिक्र करते हुए कहा कि यह संस्थान 176 वर्षों से भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में देश को गौरवान्वित कर रहा है और यहां से पढ़ने वाले कई छात्र अपने ज्ञान और कौशल से देश-विदेश में कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवा दे रहे हैं। देश को गौरवान्वित किया और अनुसंधान क्षेत्र ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर विधायक प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष रूड़की शोभाराम प्रजापति, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

