देहरादून/टिहरी। टिहरी जिले में पिछले दिनों हुए पंचायत उप चुनाव में बिष्टौंसी वार्ड पर उप चुनाव सम्पन्न हुए थे वोटो की गिनती के बाद परिणाम को ले कर कोर्ट का आदेश था की अंतिम परिणाम सील बंद लिफ़ाफ़े में कोर्ट में सबमिट किए जाये । जिसके पश्चात देवेन्द्र पाँवर चुनाव परिणाम को लेकर सुप्रीम कोर्ट चले गए और सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव अधिकारी को चुनाव परिणाम घोषित करने के निर्देश दिये थे। उसके बाद आज चुनाव अधिकारी लोकेश सारस्वत ने देवेंद्र पवार को चुनाव जीतने का प्रमाण पत्र सौंपा ।

क्या था मामला जानते है

जिलापंचायत के चुनाव में बिष्ठौंसी वार्ड दो प्रत्याशी मैदान में थे, जिसमे की एक अमेन्द्र बिष्ट और दूसरे देवेंद्र पंवार, जिसमे की अमेन्द्र बिष्ट ने देवेंद्र पंवार की शैक्षिणिक प्रमाण पत्रों पर रिटर्निंग आफिसर के समाने आपत्ति प्रस्तुत की थी और रिटर्निंग आफिसर ने देवेंद्र पंवार का नामांकन रद्द कर दिया था और अमेन्द्र बिष्ट को निर्वाचित घोषित कर दिया गया था।

उसके बाद देवेंद्र पंवार ने अमेन्द्र बिष्ट की निर्वाचन हो कोर्ट में चुनौती थी और कोर्ट का फैसला आया की और निर्वाचित घोषित करने बहुत भारी कानूनी भूल की है। रिटर्निंग आफिसर द्वारा याची द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन व अभिलेखों का सूक्ष्म विवेचन नहीं किया गया है और मनमाने ढंग से उक्त अवैध आदेश पारित कर याची का नाम निर्देशन पत्र निरस्त किया है। उनकी ओर से प्रार्थना की गयी है कि विपक्षी का निर्विरोध निर्वाचन निरस्त कर पुनः निर्वाचन करने के आदेश पारित करने की कृपा की जाये।

देवेंद्र पंवार द्वारा हाई स्कूल परीक्षा ग्रामीण मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ राज्य से अक्टूबर 2015 में उत्तीर्ण की गई थी और चुनाव याचिका संख्या-02/2020 जिला न्यायाधीश देवेन्द्र सिंह पंवार बनाम सरकार स्कूल परीक्षा उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र देवेंद्र पंवार द्वारा प्रस्तुत किया गया था। उक्त विद्यालय गर्वमेन्ट ऑफ एन0सी0टी0 ऑफ दिल्ली अधिनियम, 1860 के अन्तर्गत पंजीकृत था और छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल रायपुर, छत्तीसगढ सरकार से सम्बद्ध था और मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार से मान्यता प्राप्त था।