उत्तराखंड सरकार व चार धामों के बीच कुछ समन्वय न बनने के कारण पुरोहितों के मन में उत्तराखंड सरकार के प्रति नकारात्मक छवि देखी जा रही है। पुरोहित अभी तक संयम से शांतिपूर्वक देवस्थानम बोर्ड का विरोध करते दिख रहे थे। लेकिन आज से चार धामों के पुरोहितों ने सरकार के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा कर दी है। गंगोत्री गंगा पुरोहितों का कहना है कि 4 दिसंबर 2019 से हम सरकार को बता रहे हैं कि जो देवस्थानम बोर्ड चार धामों के पुरोहितो पर थोपा गया है, उसे शांतिपूर्वक निरस्त किया जाये। पुरोहितों ने सरकार के साथ -साथ उत्तरकाशी डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री व राज्यपाल को भी इस संबंध में पत्र दिए हैं, तब भी इस पर कोई कार्य नहीं किया गया है। जिस कारण आज से चारों धामों के पुरोहित अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। साथ ही सरकार को चेताया जा रहा है कि देवस्थानम बोर्ड को यदि सरकार भंग नहीं करती है तो वे कुछ समय बाद उग्र आंदोलन को तैयार हैं,जिसकी जिम्मेदारी पूर्णतः सरकार की होगी। इसी को लेकर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी देवस्थानम बोर्ड को भंग करने का समर्थन किया है।