देहरादून,
जिस तरह बारिश नहीं होने के कारण इसका असर पर्यावरण पर हो रहा है उसे इंसानों की भी दिक्कतें बढ़ गई है। वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी के कारण सबसे ज्यादा दिक्कतें बच्चों, बुजुर्गों के साथ ही उन लोगों को आनी तय है जो सांस के मरीज हैं। जाहिर है कि बच्चे और बुजुर्गों को मौजूदा मौसम के लिए हाथ से घर से बाहर निकलने में कुछ परहेज करना चाहिए। इसके अलावा जिन लोगों को दमा या सांस की बीमारी है उनके लिए भी यह मौसम बेहद परेशानी भरा है। चिकित्सक भी ऐसे लोगों को विशेष एहतियात बरतने की सलाह देते हैं। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट अनुराग अग्रवाल भी इस बात को कहते हुए नजर आते हैं और अनुराग अग्रवाल बताते हैं कि सर्दियों में धूल मिट्टी और प्रदूषण के कारण वायुमंडल में ज्यादा समय तक बने रहते हैं, इसके कारण लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।


Recent Comments