देहरादून। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि लंबे समय से शासन स्तर पर लम्बित प्रमुख संस्कृत शिक्षा विभाग नियमावली शीघ्र जारी की जायेगी. विभाग के अधीन विभिन्न संस्थाओं में लम्बे समय से चली आ रही रिक्तियों को आवश्यकतानुसार प्रतिनियुक्ति एवं सेवा स्थानान्तरण के माध्यम से भरा जायेगा।

संस्कृत शिक्षा के तहत 8 अप्रैल से 21 अप्रैल तक होने वाली बोर्ड परीक्षा को बिना नकल और पारदर्शिता के साथ कराने को कहा गया है. नवीन शैक्षणिक सत्र को देखते हुए संस्कृत विद्यालयों की मान्यता के लिए विभागीय सचिव को शीघ्र कार्यपालक आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रदेश के संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने रविवार को विधानसभा भवन में संस्कृत विभाग की समीक्षा बैठक की. डॉ. रावत ने कहा कि संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत 8 अप्रैल से 21 अप्रैल तक होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं बिना नकल और पारदर्शिता के कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए गए हैं.
उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षा के विभागीय ढाँचे को सुदृढ़ करने के लिए विभागीय नियमावली शीघ्र जारी की जायेगी, इसके अलावा विभाग के अंतर्गत विभिन्न संस्थाओं में लम्बे समय से रिक्त चल रहे पदों को प्रतिनियुक्त एवं सेवा स्थानांतण के आधार पर शीघ्र भरने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं ताकि विभागीय कार्यों में किसी तरह का व्यवधान न आये।
विभागीय मंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में एक संस्कृत ग्राम बनाया जाना है, चयन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिये गये हैं. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड संस्कृत अकादमी द्वारा संस्कृत और संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं।
जिसके तहत संस्कृत विषय में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले पूर्व मध्य, उत्तर मध्यम, शास्त्री, आचार्य एवं राजकीय उच्च विद्यालयों तथा इंटरमीडिएट एवं विश्वविद्यालय स्तर के स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जायेगा. इसके अलावा प्राथमिक संस्कृत विद्यालयों में अध्ययनरत एवं नामांकित छात्रों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें प्रदान की जाएंगी।अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों को संस्कृत छात्रवृत्ति दी जाएगी।
अनुसंधान छात्रवृत्ति योजना के तहत राज्य के विश्वविद्यालयों के संस्कृत विभाग में नामांकित 10 शोध छात्रों को एक वर्ष के लिए 30,000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। संस्कृत विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शिक्षा सहायता योजनान्तर्गत 20 विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को वित्तीय अनुदान प्रदान किया जायेगा।अशासकीय संस्कृत विद्यालयों में संसाधनों की न्यूनता पूर्ण करने की दृष्टि से कम्प्यूटर, फर्नीचर आदि के क्रय करने हेतु 50 हजार रूपये का अनुदान दिया जायेगा।
बैठक में सचिव संस्कृत शिक्षा डा. चन्द्रेश कुमार, निदेशक संस्कृत शिक्षा एस.पी.खाली, सचिव उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा परिषद डॉ. वाजश्रवा आर्य, उपनिदेशक पदमाकर मिश्र, कुलसचिव संस्कृत विश्वविद्यालय गिरीश कुमार अवस्थी, सहायक निदेशक चंडी प्रसाद घिल्डियाल, शोध अधिकारी डा. हरीश गुरूरानी, महामंत्री संस्कृत शिक्षक संघ डा. नवीन पंत सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि 17-18 मार्च को हरिद्वार स्थित अकादमी परिसर में संस्कृत शिक्षा के अंतर्गत शोध की संभावनाएं एवं शोध कौशल पर दो दिवसीय अखिल भारतीय संस्कृत शोध सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है.
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