देहरादून: बिजली दरों के साथ ही अब फ्यूल सरचार्ज भी तिमाही की जगह मासिक वसूला जाएगा। यूपीसीएल ने इसके लिए उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में आवेदन दिया है। इस अर्जी पर 9 मई को जन सुनवाई होगी। दरअसल एक्ट के मुताबिक बिजली वितरण कंपनी को उपभोक्ताओं से फ्यूल सरचार्ज वसूलने का अधिकार है।
इसके तहत यूपीसीएल को हर तीन महीने में नियामक आयोग में याचिका दायर करनी होती है। आवेदन पर सुनवाई के बाद आयोग फ्यूल सरचार्ज की दर तय करता है। इस लंबी प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए, यूपीसीएल ने एक याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया है कि अधिभार तिमाही के बजाय मासिक निर्धारित किया जाए।
फ्यूल सरचार्ज हर महीने बढ़ेगा
इसके लिए एक फॉर्मूला भी निर्धारित किया गया है, जिसे देश के कई राज्यों में लागू किया जा रहा है। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने कहा कि अगर आयोग इसे मंजूरी दे देता है तो इससे हर तीन महीने में आवेदन दाखिल करने की लंबी प्रक्रिया खत्म हो जाएगी। इसके बजाय हर महीने फ्यूल सरचार्ज अपने आप बढ़ जाएगा।
फ्यूल सरचार्ज
इसमें कमीशन फिक्स कॉस्ट के साथ-साथ वेरिएबल कॉस्ट के रूप में बिजली की दरें तय करता है। परिवर्तनीय लागत कोयला, डीजल और परिवहन की लागत से निर्धारित होती है, जो ग्राहकों से ली जाती है। इसकी शुरुआत 2009 में हुई थी। यह फ्यूल सरचार्ज हर तीन महीने में बदला जाता है।
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