देहरादून,

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुआई और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आतंकवाद से मुक्त भारत के निर्माण के लिए जोर शोर से काम किया जा रहा है। मोदी और शाह की सफल जोड़ी ने जहाँ धारा 370 को हटाकर हमेशा के लिए जम्मू.कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बना दिया और पूरे भारत में एक विधान एक निशान तथा एक प्रधान का सपना साकार कर दिया वहीं कुछ संगठन हैं जो जम्मू.कश्मीर को भारत से अलग करने और इस्लामिक शासन स्थापित करने की गतिविधियों में शामिल हैं।
गृह मंत्री अमित शाह की नीतियों के तहत 31 दिसंबर 2023 को गृह मंत्रालय द्वारा कश्मीरी अलगाववादी पार्टी तहरीक ए हुर्रियत को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया गया है। तहरीक ए हुर्रियत को यूएपी के तहत एक गैरकानूनी संगठन घोषित किया गया है। यह संगठन आतंकवादी गतिविधियों के साथ.साथ जम्मू.कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए भारत विरोधी प्रचार फैलाने का काम कर रहा था।अलगाववाद को बढ़ावा देने तथा इस्लामिक शासन को स्थापित करने की कोशिश करने वाला वाला तहरीक ए हुर्रियत आतंकी गतिविधियों में शामिल था और उसका मकसद जम्मू.कश्मीर को भारत से अलग करना था। दरअसल सुरक्षित और समृद्ध भारत के निर्माण में जुटे अमित शाह के जरिए तहरीक ए हुर्रियत पर ऐसे समय में कार्रवाई की गई है जब कुछ दिनों पहले ही घाटी के एक और संगठन को बैन किया गया था। कुछ दिन पहले ही मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसर्रत आलम गुट) को प्रतिबंधित आतंकी संगठन घोषित किया गया था। इस संगठन के नेता मसर्रत आलम भट भारत विरोधी एजेंडा चलाता था। वह पाकिस्तान के समर्थन में घाटी में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।