संसद का शीतकालीन सत्र बहुत छोटा होगा
संसद का शीतकालीन सत्र इस साल भी बहुत छोटा रहने वाला है। पिछले कुछ समय से लगातार संसद के सत्र छोटे होते जा रहे हैं। आमतौर पर हर सत्र एक महीने का होता था और बजट सत्र के दोनों चरण … Continue reading
स्थायी समस्या का मौसमी समाधान
अजीत द्विवेदीदिल्ली और उत्तर भारत के ज्यादातर शहरों में प्रदूषण की समस्या चिरस्थायी है। हर साल सर्दियों में आसमान में धूल और धुंध की काली चादर छाई रहती है। धीरे धीरे बहुत छोटे आकार के बेहद नुकसानदेह धूल कण यानी … Continue reading
भूकंप से कैसे कम हो जोखिम
योगेश कुमार गोयलनवम्बर 3 को आधी रात से ठीक पहले पश्चिमी नेपाल में आए 6.4 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप से 157 से ज्यादा लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए हैं।नेपाल में आए शक्तिशाली भूकंप का असर नेपाल से सटे … Continue reading
सड़कों पर जारी मौते
साल 2022 में भारत में सडक हादसों में एक लाख 68 हजार लोग मारे गए। कुल चार लाख 61 हजार हादसे हुए, जिनमें बड़ी संख्या में लोग जख्मी और विकलांग भी हुए। घायलों की संख्या 4.43 लाख रही। भारत में … Continue reading
भाजपा में दूसरी पार्टियों पर नजरिया
हरिशंकर व्यासभारतीय जनता पार्टी ने राजनीतिक दलों की कई श्रेणियां बना रखी हैं। एक श्रेणी ऐसी पार्टियों की है, जिनके साथ भाजपा के अतीत में अच्छे संबंध रहे हैं या वह पार्टी भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में रही है। … Continue reading
एआई- बंटते हुए प्रतिमान
विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका और चीन इस समय आर्टिफिशियल के क्षेत्र में दो अग्रणी देश हैं, लेकिन वे अलग-अलग प्रतिमानों के आधार पर इस तकनीक को विकसित करने में जुटे हुए हैँ। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के प्रतिमान तय करने के … Continue reading
कांग्रेस पर कार्रवाई कब शुरू होगी?
हरिशंकर व्यासभारतीय जनता पार्टी के लिए दुश्मन नंबर एक कांग्रेस पार्टी है। भाजपा के शीर्ष नेताओं को हमेशा इस बात की चिंता सताती रहती है कि कब कांग्रेस के हालात सुधरने लगेंगे और तब उसकी वापसी शुरू हो जाएगी। इसके … Continue reading
आरक्षण की आग में जलता महाराष्ट्र
अजीत द्विवेदीलोकसभा चुनावों से पहले महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की आग लगी है। मराठा नेता मरोज जरांगे पाटिल शुक्रवार यानी 27 अक्टूबर से भूख हड़ताल पर हैं। इससे पहले भी वे 40 दिन तक भूख हड़ताल पर थे और सरकार … Continue reading
फिर एक ट्रेन हादसा
प्रश्न है कि इस तरह की जानलेवा “मानवीय भूल” बार-बार क्यों हो रही है? यह यह कहानी इस असल मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए फैलाई जाती है कि भारतीय रेल एक ढहते हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर की मिसाल बनकर रह गई … Continue reading

