भाजपा की पहली सूची का क्या संदेश?
अजीत द्विवेदीलोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले पार्टियों ने उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर दी है। पहले इक्का दुक्का पार्टियां ऐसा करती थीं लेकिन अब यह परंपरा बन गई है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने 30 से ज्यादा उम्मीदवारों … Continue reading
सिर्फ नकारात्मक एजेंडे पर
साझा न्यूनतम कार्यक्रम के अभाव में इंडिया गठबंधन महज सीटों का एक तालमेल है- जिसका मकसद भाजपा विरोधी वोटों का बिखराव रोकना है। यह अपने-आप में अच्छी पहल है, लेकिन इसे ‘कुछ नहीं से कुछ बेहतर’ से ज्यादा की रणनीति … Continue reading
कांग्रेस में सीटिंग गेटिंग का फॉर्मूला
एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी थोक के भाव सांसदों की टिकट काटने जा रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस यथास्थिति रखने वाली है। पार्टी के जानकार सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस इस बार शायद की किसी सांसद की … Continue reading
कॉरपोरेट दिग्गजों के बुरे दिन
इस बार लोकसभा चुनाव में राजनीति के कई दिग्गजों की किस्मत दांव पर लगी है और कई लोगों को बुरे दिन आने वाले हैं लेकिन राजनीति से अलग कॉरपोरेट के कई दिग्गजों के इन दिनो बुरे दिन चल रहे हैं। … Continue reading
राहुल क्या वायनाड से लड़ेंगे?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए लोकसभा सीट का चुनाव मुश्किल काम होता जा रहा है। वे पिछली बार दो सीटों से लड़े थे, जिसमें अमेठी से हार गए थे और केरल की वायनाड सीट से जीते थे। इस बार … Continue reading
कानून का भय ही नहीं
आखिर देश में कानून और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का यह हाल क्यों हो गया है कि एक कंपनी उसकी तनिक परवाह नहीं करती? क्या इसका कारण गुजरे वर्षों में हुई बड़ी परिघटनाएं नहीं हैं, जिनमें कानून के राज की … Continue reading
विपक्ष भले मरा हो पर वोट ज्यादा
हरिशंकर व्यासभारत के लोकतंत्र का अभूतपूर्व तथ्य है जो 1952 से अभी तक के लोकसभा चुनावों में कभी भी, किसी भी सत्तारूढ़ पार्टी को 50 प्रतिशत पार वोट नहीं मिले। पचास प्रतिशत करीब के 48 प्रतिशत वोट का रिकॉर्ड केवल … Continue reading
ट्रंप को हराना क्यों मुश्किल?
श्रुति व्यासडोनान्ड ट्रंप ने फिर साबित किया है कि वे अजेय हैं। 24 फरवरी को ट्रंप ने प्रतिस्पर्धी निकी हैली के गृहराज्य साऊथ केरोलाइना में जीत हासिल की। साऊथ केरोलाइना की पूर्व गर्वनर होने के बावजूद हैली प्रायमरी में हार … Continue reading
विपक्ष के गढ़ में क्या खिलेगा कमल?
हरिशंकर व्यासयह भी अहम सवाल है कि क्या भाजपा किसी ऐसे राज्य में चुनाव जीत पाएगी, जहां इससे पहले वह कभी नहीं जीती है? क्या वह आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में खाता खोल पाएगी? ध्यान रहे दक्षिण भारत के … Continue reading

