नई दिल्ली , PAHAAD NEWS TEAM

तमिलनाडु में सेना का एमआई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर में सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. सभी घायलों को नजदीकी सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक हेलीकॉप्टर में सवार 14 लोगों में से 13 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है. साथ ही ऐसी भी जानकारी है कि डीएनए टेस्ट से शवों की पहचान की जाएगी। सरकार गुरुवार को संसद में दुर्घटनाग्रस्त हुए सैन्य हेलीकॉप्टर एमआई-17 वी5 की जानकारी देगी। वहीं, भारतीय वायुसेना ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं।

भारतीय वायु सेना ने एक बयान में कहा कि तमिलनाडु में एक सैन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटना में सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य की मौत हो गई है।

गौरतलब है कि यह हादसा तमिलनाडु के कोयंबटूर और सुलूर के बीच हुआ है. इस दौरान सीडीएस रावत वेलिंगटन के डिफेंस स्टाफ कॉलेज जा रहे थे।

भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत का जन्म 16 मार्च 1958 को पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड में हुआ था। वे भारतीय थल सेना के 27वें सेनाध्यक्ष थे। बिपिन रावत ने 31 दिसंबर, 2016 को सेनाध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया। वह 31 दिसंबर, 2019 तक इस पद पर बने रहे।

इसके बाद उन्होंने 31 दिसंबर 2019 को सीडीएस (सीडीएस बिपिन रावत) का पदभार ग्रहण किया। इसके साथ ही उन्होंने भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनने का गौरव हासिल किया। बिपिन रावत ने अपनी स्कूली शिक्षा एडवर्ड स्कूल शिमला से की। उनके पिता एल.एस. रावत भी सेना में अधिकारी थे। वह भारतीय सेना के उप प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए।

बिपिन रावत ने भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से पास आउट होने के बाद 11वीं गोरखा राइफल्स की 5वीं बटालियन में एक सैन्य अधिकारी के रूप में वर्ष 1978 में भारतीय सेना में सेवा शुरू की। बिपिन रावत भारतीय सैन्य अकादमी के सर्वश्रेष्ठ जेंटलमैन कैडेट थे। उन्हें ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ भी मिला।

अपने पूरे करियर के दौरान, उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम), युद्ध सेवा मेडल (YSM), सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल (वीएसएम) जैसे विभिन्न सम्मानों से सम्मानित किया गया। सेना प्रमुख के पद पर आने से पहले जनरल बिपिन रावत ने दक्षिणी कमान के कमांडर-इन-चीफ के कमांडर और सह-प्रमुख के रूप में भी कार्यभार संभाला। बिपिन रावत ने कांगो में बहुराष्ट्रीय ब्रिगेड की कमान संभाली और साथ ही संयुक्त राष्ट्र मिशन में महत्वपूर्ण पदों पर रहे।

उपलब्धियां


• 1978 में सेना की 11वीं गोरखा राइफल्स की पांचवी बटालियन में कमीशन मिला था.
• भारतीय सैन्य अकादमी में उन्हें स्वोर्ड ऑफ ऑनर मिला.
• 1986 में चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर इंफैंट्री बटालियन के प्रमुख थे.
• राष्ट्रीय राइफल्स के एक सेक्टर और कश्मीर घाटी में 19 इन्फेन्ट्री डिवीजन की अगुआई भी की.
• कॉन्गो में संयुक्तराष्ट्र के शांति मिशन का नेतृत्व भी किया.
• 1 सितंबर 2016 को उप सेना प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली थी.

दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर में मौजूद नौ लोगों के नाम


• जनरल बिपिन रावत (CDS)
• मधुलिका रावत (बिपिन रावत की पत्नी)
• ब्रिगेडियर एल एस लिद्दर
• ले. कर्नल हरजिंदर सिंह
• एन के गुरसेवक सिंह
• एन के जितेंद्र कुमार
• लांस नाएक विवेक कुमार
• लांस नाएक बी साई तेजा
• हवलदार सतपाल