देहरादून : चारधाम यात्रा पर जाने वाले व्यवसायिक वाहनों के लिए परिवहन विभाग ने ग्रीन कार्ड अनिवार्य कर दिया है। बिना ग्रीन कार्ड के यात्रा संभव नहीं होगी। एक अप्रैल से परिवहन विभाग के कार्यालय में ग्रीन कार्ड बनेंगे। इसके लिए इन वाहनों को आरटीओ कार्यालय में एक लंबे फिटनेस टेस्ट से गुजरना पड़ता है। कमर्शियल वाहनों को यह टेस्ट पास करने के बाद ही ग्रीन कार्ड मिलेगा। वहीं, निजी वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड-ट्रिप कार्ड रखने की बाध्यता नहीं है।

आरटीओ प्रवर्तन शैलेश तिवारी ने कहा कि यह ग्रीन कार्ड चारधाम यात्रा की पूरी अवधि के लिए वैध है। ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के लिए वाहन को आरटीओ कार्यालय ले जाना होगा। यहां वाहन के सभी कागजात, आरसी, फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा प्रमाण पत्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र, परमिट, वाहन कर जमा प्रमाण पत्र, चालक के लाइसेंस की जांच की जाती है।

इन वस्तुओं को वाहनों में रखना अनिवार्य है

इसके बाद यह चेक किया जाता है कि संबंधित वाहन चारधाम यात्रा के लिए उपयुक्त है या नहीं। पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने के लिए वाहन का तकनीकी रूप से परीक्षण किया जाता है। वाहन की लाइट, डिपर, वाइपर, ब्रेक, स्टीयरिंग, टायर आदि की जांच की जाती है। वाहन में प्राथमिक चिकित्सा किट, लकड़ी या लोहे का ब्लॉक तथा अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य है।

सभी परीक्षणों को पास करने के बाद, एक वाणिज्यिक वाहन मालिक को ग्रीनकार्ड.uk.gov.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन करने के बाद ग्रीन कार्ड जारी किया जाता है। इस कार्ड के बाद वाहन मालिक को हर यात्रा का एक ट्रिप कार्ड लेना होता है। यह ट्रिप कार्ड परिवहन विभाग की वेबसाइट greencard.uk.gov.in पर दिए गए लिंक से भी ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकता है।

परिवहन विभाग के दिशानिर्देश

प्रत्येक राउंड ट्रिप के लिए एक ट्रिप कार्ड प्राप्त करना होगा।
मानक के अनुसार वाहन में लाल, सफेद और पीले रंग का रिफ्लेक्टर टेप लगाना आवश्यक है।
पहाड़ी रास्तों पर मदद के लिए टॉर्च, रस्सी, पंचर किट, एयर पंप, स्नो चेन को वाहन में साथ रखें।
वाहन में डस्टबिन रखना अनिवार्य है।
आवश्यकतानुसार वोमेटिंग बैग भी रखें।

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