उत्तराखंड हाई कोर्ट ने नैनीताल के सीएम पुष्कर सिंह धामी सरकार को आठ हफ्ते के भीतर राज्य में लोकायुक्त नियुक्त करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने इस बात पर हैरानी जताई कि इस संस्था ने बिना काम किए 29 करोड़ 73 लाख रुपये से ज्यादा खर्च कर दिए. इस पर कोर्ट ने आदेश दिया कि लोकायुक्त की नियुक्ति होने तक संस्था के कोष से एक भी रुपया खर्च नहीं किया जाये.

कोर्ट ने लोकायुक्त संगठन में तैनात 24 कर्मचारियों का ब्योरा और उनके काम का ब्यौरा भी 10 अगस्त तक पेश करने को कहा है. मंगलवार को मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने की। मामले के अनुसार, हल्द्वानी निवासी रविशंकर जोशी ने जनहित याचिका दायर कर राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति की मांग की थी।

जिसमें कहा गया था कि बिना लोकायुक्त की नियुक्ति के इस संस्था के नाम पर हर साल दो से तीन करोड़ रुपये खर्च किये जाते हैं. कर्नाटक और मध्य प्रदेश में लोकायुक्त भ्रष्टाचार पर नकेल कस रहे हैं, लेकिन उत्तराखंड में तमाम घोटालों के बावजूद हर मामले को हाई कोर्ट में जाना पड़ता है. क्योंकि राज्य की सभी जांच एजेंसियां ​​सरकार के अधीन हैं, जिसका पूरा नियंत्रण राजनीतिक नेतृत्व के हाथ में है.

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