देहरादून:
देहरादून के परेड ग्राउंड में इन दिनों “धरोहर 2025” मेले की धूम है, जो उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति, हस्तशिल्प और पहाड़ी उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस सांस्कृतिक मेले में जहां एक ओर पारंपरिक लोक उत्पादों की खरीदारी के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है, वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक मंच पर देश-विदेश की विविध लोक संस्कृतियों की प्रस्तुति लोगों का भरपूर मनोरंजन कर रही है।
इसी क्रम में सोमवार को नेपाली लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली जब प्रसिद्ध गायक सतीश थापा और गायिका दीप्ती राणा ने अपने मधुर गीतों से मेले में मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दोनों कलाकारों ने अपने गाँव की सांस्कृतिक परंपराओं और लोकधुनों को मंच पर प्रस्तुत किया, जिसे देखकर दर्शक खुद को झूमने से रोक नहीं सके। नेपाली संगीत की मीठी धुनों पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने तालियां बजाईं और खूब ठुमके लगाए।
यह सांस्कृतिक कार्यक्रम सिर्फ मनोरंजन नहीं था, बल्कि यह भारत-नेपाल के पारंपरिक और सांस्कृतिक रिश्तों की भी एक खूबसूरत मिसाल बना। लोगों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से अलग-अलग क्षेत्रों की संस्कृति को जानने और समझने का मौका मिलता है।
धरोहर 2025 मेले में आने वाले दिनों में भी कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और लोक कलाकारों की भागीदारी देखने को मिलेगी। आयोजकों का कहना है कि इस बार का आयोजन न सिर्फ स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का माध्यम है, बल्कि यह मंच देश-विदेश की लोकसंस्कृति को एक साथ जोड़ने का प्रयास भी है।


Recent Comments