यमुना पुल में आज कास्तकारों की सामूहिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। बैठक में डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत को सर्वसम्मति से समिति का अध्यक्ष चुना गया। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया था।
बैठक के दौरान न केवल अध्यक्ष, बल्कि पूरी नई कार्यकारिणी का चयन किया गया। अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने पहाड़ न्यूज़ से बातचीत में अपनी प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता 300 मेगावाट लखवाड़ बांध परियोजना के अंतर्गत आने वाले कास्तकारों को उचित मुआवजा दिलवाने की होगी।
डॉ. रावत ने यह भी कहा कि वह कास्तकारों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि परियोजना से प्रभावित लोगों को उनका हक मिले। नई कार्यकारिणी के गठन से समिति के कार्यों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होने की उम्मीद है।
इस बैठक में कास्तकारों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की भारी उपस्थिति रही, जो समिति की नई दिशा और डॉ. रावत के नेतृत्व में उनके भविष्य की ओर सकारात्मक दृष्टिकोण का संकेत देती है।


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