उत्तरकाशी : चारधाम यात्रा पर भारी बारिश का असर देखने को मिल रहा है. मानसून से पहले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या प्रतिदिन 10 से 12 हजार के आसपास पहुंच जाती थी, लेकिन इन दिनों धामों में श्रद्धालुओं की संख्या 1000 का आंकड़ा भी नहीं छू रही है. धाम से जुड़े तीर्थयात्रियों का कहना है कि हर साल मानसून के दौरान तीर्थयात्रियों की संख्या कम हो जाती है।

गंगोत्री धाम
भारी बारिश के कारण यात्रियों की संख्या में कमी: कांवड़ यात्रा खत्म होने के बाद गंगोत्री और यमुनोत्री में यात्रियों की संख्या में भारी कमी आई है. हर साल मानसून शुरू होते ही चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या कम हो जाती है। जिसकी भरपाई कांवर यात्रा करती है. इस वर्ष कांवरयात्रा की शिवरात्रि जल्दी आने के कारण गंगोत्री धाम में कांवरियों की भारी कमी रही।इसका एक और बड़ा कारण यह है कि मानसून के दौरान भूस्खलन और अवरुद्ध सड़कों के कारण कई कावंडियों को जिला मुख्यालय से आधे रास्ते से वापस लौटना पड़ा।

यमुनोत्री धाम

मानसून सीजन खत्म होने का इंतजार: मानसून के दौरान गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में यात्रियों की संख्या हजार का आंकड़ा भी नहीं छू पाती है। गंगोत्री धाम मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल का कहना है कि हर साल बरसात में तीर्थयात्रियों की संख्या कम हो जाती है। 15 सितंबर के बाद मानसून सीजन खत्म होने के साथ ही तीर्थयात्री एक बार फिर धाम की ओर रुख कर रहे हैं। जिला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, कपाट खुलने के बाद गंगोत्री धाम में 637786 और यमुनोत्री में 527403 श्रद्धालु यमुनाजी के दर्शन कर चुके हैं।

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