हल्द्वानी : घर में पड़े कबाड़ बेचने के लिए कबाड़ के सौदागरों की तलाश करनी पड़ती है. कबाड़ के सौदागर कबाड़ खरीदने के लिए गली मोहल्ले पर आ जाते हैं, लेकिन कबाड़ का वाजिब दाम नहीं देते। इसी को ध्यान में रखते हुए हल्द्वानी के इंजीनियर लोकेश गुणवंत ने शहर में एक जंक स्टार्टअप शुरू किया है, जहां वो ऑनलाइन कबाड़ खरीदते हैं.
अगर आप कबाड़ बेचना चाहते हैं तो घर बैठे Scrapdoor एप पर ऑनलाइन कबाड़ बेच सकते हैं। लोकेश गुणवंत ने बताया कि उन्होंने घर बैठे लोगों से कबाड़ खरीदने के लिए Scrapdoor नाम से एप बनाया है. जहां कबाड़ बेचने वाला एप डाउनलोड कर अपनी सुविधानुसार कबाड़ बेच सकता है। ऐप द्वारा कबाड़ की कैटेगरी और उसकी कीमत भी अपलोड की जाती है। जहां स्क्रैप बेचने वालों को दूसरे स्क्रैप के मुकाबले ज्यादा रेट मिलता है। इसके अलावा एप के माध्यम से स्क्रैप डोर टीम के स्वच्छता अभियान से भी लोगों को जोड़ा गया है।
लोकेश गुणवंत ने कहा कि कई बार देखने में आता है कि कामकाजी लोग समय की कमी के कारण अपने घर का कचरा नहीं बेच पाते हैं. ऐसे में यदि कोई व्यक्ति कबाड़ बेचना चाहता है तो वह आवेदन में अपना विवरण दर्ज कर सकता है। जिसके बाद टीम के सदस्य उक्त व्यक्ति से फोन पर संपर्क कर समय की सुविधा के अनुसार कबाड़ को इलेक्ट्रॉनिक मशीन से तौलकर राशि का भुगतान कर देते हैं। बाद में, पुनर्चक्रण योग्य वस्तुओं को कबाड़ से अलग किया जाता है। जिसका उपयोग मरम्मत करके या उससे अन्य चीजें बनाकर किया जाता है।
उन्होंने कहा कि स्क्रैप डोर ऐप लॉन्च करने का उद्देश्य लोगों को उनके स्क्रैप का बेहतर मूल्य दिलाने और स्वच्छ भारत अभियान में भाग लेने में मदद करना है। साथ ही युवाओं को ऐसे स्टार्टअप से भी जोड़ा जा सकता है, जिससे उन्हें रोजगार भी मिल सके। वर्तमान में इस स्टार्टअप में गरिमा मेहता, करण फरत्याल और अमित जोशी सहित 10 युवा टीम लीडर हैं। जिन्हें रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा टीम स्वच्छ भारत अभियान के तहत जन जागरूकता अभियान भी चला रही है।
वन मंत्री सुबोध उनियाल बोले नागटिब्बा के पत्थर खोल में वन विश्राम गृह का निर्माण किया जाएगा।


Recent Comments