पौड़ी : पौड़ी रेंज के अंतर्गत दो स्थानों पर गुलदार ने देर शाम हमला बोल दिया. पहले हमले में एक लड़की गंभीर रूप से घायल हो गई थी। दूसरे हमले में गुलदार ने एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल कर दिया। राहत की बात यह है कि इन दोनों हमलों में सौभाग्य की वजह से उसकी जान बाल-बाल बच गई।
गुलदार ने दो लोगों पर हमला किया जिला मुख्यालय पौड़ी में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. कभी तीन-तीन गुलदार शहर के पास सरेआम नजर आ जाते हैं तो कभी घर में घुसकर लोगों पर हमला कर देते हैं। गढ़वाल वन प्रमंडल के नागदेव पौड़ी रेंज के अंतर्गत गुलदार ने मंगलवार देर शाम दो अलग-अलग स्थानों पर हमला कर दो लोगों को घायल कर दिया.
यह गनीमत की बात है कि इस हमले में उनकी जान बाल-बाल बच गई। वहीं, वन विभाग घायलों का इलाज जिला अस्पताल में कर रहा है. साथ ही विभाग ने उन्हें तत्काल राहत राशि भी प्रदान की है।
गुलदार का यहां हुआ पहला हमला : पौड़ी रेंज के रेंजर ललित मोहन नेगी ने बताया कि पौड़ी शहर के वार्ड नंबर 11 में गडोली के पास गुलदार ने एक बच्ची पर हमला कर घायल कर दिया. बच्ची कुत्ते के साथ अपने घर के आंगन के पास गेट पर टहल रही थी। तभी घात लगाए गुलदार ने उस पर झपटा मार दिया . वह उस पर टूट पड़ा। घर के अन्य लोगों के शोर मचाने पर गुलदार भाग गया। लेकिन इस हमले में 10 वर्षीय आरुषि पुत्री रवींद्र सिंह के चेहरे पर गहरे घाव हो गए।
गुलदार ने यहां किया दूसरा हमला : इसी रेंज के ल्वाली क्षेत्र के तमलाग गांव में 40 वर्षीय विक्रम लाल एक घर के आंगन में बने बेड़े में अपनी बकरियां बांध रहे थे. तभी गुलदार ने उन पर झपट्टा मार दिया. गुलदार का हमला इतना जोरदार था कि विक्रम लाल इस झटके में एक किनारे गिर गये। जिससे उनकी बायीं आंख पर चोट के निशान थे। इसके बाद गुलदार ने उसके गले और चेहरे पर पंजों से हमला कर दिया। लेकिन दूसरों की चीख सुनकर गुलदार जंगल की ओर भागा।
जिससे विक्रम लाल की जान बाल-बाल बच गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमें पहुंची और समय रहते उसे जिला अस्पताल पहुंचाया।
रेंजर ने क्या कहा : रेंजर ललित मोहन नेगी ने बताया कि दोनों लोगों को तत्काल मदद पहुंचाई गई। साथ ही दोनों जगहों पर पेट्रोलिंग टीम भी तैनात की गई है। जरूरत पड़ी तो वहां पिंजरा भी लगाया जाएगा।


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