लंदन में आयोजित 79वें बाफ्टा अवॉर्ड्स में भारतीय सिनेमा ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने इंटरनेशनल स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाते हुए बेस्ट चिल्ड्रन्स एंड फैमिली फिल्म का खिताब अपने नाम किया। इस जीत ने न सिर्फ फिल्म से जुड़े कलाकारों और निर्माताओं को गौरवान्वित किया, बल्कि भारतीय सिनेमा को भी वैश्विक मंच पर नई मजबूती दी।

‘बूंग’ की इस सफलता ने कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय फिल्म ने बाफ्टा अवॉर्ड जीता है। फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है, जबकि इसे फरहान अख्तर की प्रोडक्शन कंपनी के साथ अन्य बैनरों ने मिलकर तैयार किया है।

अवार्ड की दौड़ में ‘बूंग’ का मुकाबला फ्रांस और अमेरिका की चर्चित फिल्मों से था, लेकिन अपनी भावनात्मक कहानी और सादगी भरे प्रस्तुतिकरण के चलते इस फिल्म ने निर्णायकों का दिल जीत लिया। फिल्म की कहानी एक छोटे से गांव के लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दर्शकों को गहराई से जोड़ती है।

फिल्म को इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में सराहना मिल चुकी है। 2024 में टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इसके वर्ल्ड प्रीमियर के बाद से ही ‘बूंग’ को लगातार प्रशंसा मिल रही है, जो अब इस बड़े सम्मान के रूप में सामने आई है।

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