रुद्रप्रयाग , PAHAAD NEWS TEAM

केदारनाथ धाम की यात्रा में अव्यवस्थाएं भी साफ देखने को मिल रही है. रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे जाम से तीर्थयात्री खासे परेशान हैं. तीर्थयात्री 5 किमी संकरे मार्ग पर गौरीकुंड से सोनप्रयाग जाने से डरते हैं। पांच किलोमीटर के इस सफर को पूरा करने में घंटों लग जाते हैं। ऐसे में देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्री काफी परेशान हैं.

बता दें, शुक्रवार से बाबा केदार के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं. ऐसे में कपाट खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं का यहां आने का सिलसिला शुरू हो गया है. यात्रा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से जो भी दावे किए गए, वे धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं. यात्रा को लेकर पुलिस द्वारा बनाया गया ट्रैफिक प्लान भी कहीं दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर जाम लगा रहता है.

गौरीकुंड के पूर्व प्रधान मायाराम गोस्वामी ने कहा कि आपदा के 9 साल बाद भी सोनप्रयाग से गौरीकुंड हाईवे में सुधार नहीं हुआ है. संकरा रास्ता होने के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। पांच किलोमीटर का सफर तय करने में यात्रियों को घंटों जाम लग रहा है, जबकि सोनप्रयाग और गुप्तकाशी के बीच विभिन्न स्थानों पर जाम से यात्री परेशान हैं. उन्होंने कहा कि यात्रा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस की कोई व्यवस्था नजर नहीं आ रही है. सोनप्रयाग और सीतापुर में बनी पार्किंग वाहनों से फुल हो चुकी हैं, जबकि जगह-जगह पार्किंग निर्माण के दावे खोखले साबित हो रहे हैं.

मायाराम गोस्वामी ने कहा कि यात्रा अपने चरम पर है और जिला प्रशासन और पुलिस की व्यवस्था हाशिये पर है. अनुमान लगाया जा रहा था कि पहले ही दिन से हजारों की संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचने वाले हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किया। हर तरफ गंदगी के ढेर लगे हैं, वहीं गौरीकुंड में पीने के पानी की समस्या व्यापारियों से लेकर तीर्थयात्रियों तक परेशान करती नजर आ रही है.

उन्होंने कहा कि दो साल से कोरोना महामारी के चलते यात्रा ठीक से नहीं हो पाई. इस बार यात्रा की विधिवत शुरुआत की गई है। लेकिन प्रशासन और पुलिस की लापरवाही से देश-विदेश के श्रद्धालुओं में अच्छा संदेश नहीं जा रहा है.

केदारनाथ धाम में अव्यवस्थाएं : केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के पहले ही दिन धाम में अफरातफरी का माहौल देखने को मिला. तीर्थयात्रियों को रात भर ठंड में बाहर सोना पड़ा, जबकि मोबाइल सेवाएं भी बंद कर दी गईं। इसके अलावा वाईफाई सेवा की कोई व्यवस्था नहीं थी। पानी के लिए भी भक्त परेशान रहे। हेली सेवाओं की मनमानी से तीर्थयात्रियों में आक्रोश देखा गया। कपाट खुलने के अवसर पर धाम में उचित व्यवस्था नहीं होने से देश-विदेश में कोई अच्छा संदेश नहीं गया है।