रुद्रप्रयाग : बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ही केदारनाथ यात्रा मार्ग पर संकट मंडरा रहा है. भीमबली के पास केदारनाथ पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। भीमबली से गौरीकुंड की ओर करीब 200 मीटर की दूरी पर पहाड़ी से चट्टान गिरने से केदारनाथ पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है. यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगातार लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट कर अलर्ट किया जा रहा है.
पत्थर गिरने से कुछ देर के लिए बंद हुआ यात्रा मार्ग : बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा पड़ाव के भीमबली यात्रा पड़ाव के पास पहाड़ी से बड़ी संख्या में पत्थर गिरे. पत्थर गिरने से फुटपाथ क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि जब पत्थर गिर रहा था तब कोई यात्री सफर नहीं कर रहा था। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण कुछ देर के लिए यात्रा भी रोकनी पड़ी। पैदल मार्ग पर तैनात पुलिस, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों ने ही बोल्डर हटाये और आवाजाही शुरू करवाई।
हालांकि क्षतिग्रस्त स्थल पर खतरा बना हुआ है। यहां लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। हर राहगीर और घोड़ा-खच्चर पार है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए यहां सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं।

सावधानी से निकाल रहे तीर्थयात्री : इस मार्ग से सावधानी के साथ केदारनाथ तीर्थयात्रियों को निकाला जा रहा है। केदारनाथ यात्रियों को एक के बाद एक इस खतरनाक रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। ऊपर पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा है। इसलिए यात्रियों को उपरोक्त बातों को ध्यान में रखते हुए सड़क पर यात्रा करने के लिए मजबूर किया जाता है। घोड़े और खच्चर सवारों को भी समय-समय पर रोका जाता है।केदारनाथ तीर्थयात्रियों को पैदल सड़क पार कराने के बाद कुछ देर के लिए घोड़ों और खच्चरों पर सवार श्रद्धालुओं को जाने दिया जा रहा है.
मानसून से पहले भूस्खलन: गौरतलब है कि अभी मानसून आया ही नहीं है. मानसून में बारिश होने पर इन पहाड़ी रास्तों पर सफर और खतरनाक हो जाएगा। इस बार की केदारनाथ यात्रा अन्य वर्षों की अपेक्षा अधिक खतरनाक रही है। इसके बावजूद अब तक रिकॉर्ड 10 लाख श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं। केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए अभी भी श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।
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