उत्तराखंड में कई जगहों पर बारिश और बर्फबारी हुई। केदारनाथ धाम में भी लगातार बर्फबारी हो रही थी और पैदल मार्ग पर ग्लेशियर टूट रहे थे, लेकिन फिर भी बाबा केदार के भक्तों की आस्था नहीं डगमगाई. नतीजा यह रहा कि महज 20 दिन में तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा केदार के दरबार में पहुंच गए। रविवार को हुई बर्फबारी के बाद सोमवार को केदारनाथ धाम में मौसम साफ रहा। बाबा केदार के द्वार पर 10 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे।
20 दिन में केदारनाथ धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तीन लाख के पार हो गई है। ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा इन दिनों बंद है, लेकिन पहले से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। यही वजह है कि रोजाना करीब 15 हजार श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर रहे हैं।

पैदल यात्रा मार्ग की मरम्मत की गई है
केदारनाथ के कपाट 25 अप्रैल को खोले गए थे। कपाट खुलने के बाद से अभी तक धाम में मौसम बेरुखी अपनाए हुए है। इसके बावजूद बीस दिनों में तीन लाख श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। मौसम को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा केदारनाथ धाम के लिए रजिस्ट्रेशन भी बंद किया जा रहा है.
लेकिन पहले ही बड़ी संख्या में भक्तों ने धाम के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है। रोजाना करीब 15 हजार श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए केदारनाथ पहुंच रहे हैं। अब धीरे-धीरे मौसम के सहयोग से आश्रय स्थल में व्यवस्था की जा रही है। यात्रा मार्ग की मरम्मत भी कर दी गई है और हेली सेवाएं भी अपनी सेवाएं जारी रखे हुए हैं।
अब प्रतिदिन 18 से 20 हजार यात्रियों के आने की संभावना है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि 20 दिन में तीन लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। पहले दस दिनों में कई दिक्कतें आईं। जब बर्फबारी हुई तो ग्लेशियर भी टूट गए। हालांकि यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। वर्तमान में रोजाना पंद्रह हजार तीर्थयात्री आते हैं और अगले कुछ दिनों में रोजाना 18 से 20 हजार श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
विशाल ग्लेशियरों से गुजरते तीर्थयात्री
केदारनाथ यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं को बड़े ग्लेशियरों से होकर गुजरना पड़ रहा है. डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि कुबेर और भैरव ग्लेशियर में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, डीडीआरएफ, यात्रा प्रबंधन बल की टीमों ने बेहतर काम किया है. इसके अलावा मजदूर भी दिन-रात बर्फ हटाने में लगे हुए हैं।केदारनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को दोनों ग्लेशियरों में सावधानी से निकाला जा रहा है, ताकि उनके मन में कोई डर न रहे. उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है।
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