चमोली : जिला चमोली जल्द ही शत प्रतिशत साक्षर जिलों की श्रेणी में शामिल होगा. यहां हर कोई पढ़ना और गिनना सीखकर साक्षर हो रहा है। शत-प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘सर्मथ गांव योजना’ के तहत प्रत्येक गांव व कस्बे में ज्ञानमित्रों द्वारा निरक्षर लोगों को साक्षर बनाया जा रहा है।

जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मंगलवार को समर्थ गांव योजना की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक कर इस अभियान को और मजबूत करने के निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि यह एक सहभागी और स्वैच्छिक योजना है। जिले में शत प्रतिशत साक्षरता के लिए इस योजना को जन आंदोलन बनाया जाए और सभी का सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि अनपढ़ लोगों को साक्षर बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

साक्षरता कार्यों का नियमित अंतराल पर मूल्यांकन किया जाना चाहिए। जो साक्षर हो गए हैं, उन्हें किसी तीसरे पक्ष द्वारा सत्यापित किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि कमजोर दृष्टि वाले वृद्ध लोगों की आंखों की जांच कराकर उन्हें चश्मा भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान उन्होंने गांवों में हो रहे साक्षरता कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की और सभी से सुझाव भी लिए.

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कहा कि इस योजना को सफल बनाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, शिक्षक, छात्र, स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े लोग और ज्ञानमित्र के रूप में कार्यरत शुभचिंतक पूरे समर्पण और प्रयास से सहयोग करें.

मुख्य शिक्षा अधिकारी कुलदीप गैरोला ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा संचालित समर्थ गांव योजना के तहत अप्रैल 2024 तक चमोली को शत प्रतिशत साक्षर जिला बनाने का लक्ष्य रखा गया है. जिले की कुल साक्षरता दर 82.65 प्रतिशत है जिसमें पुरुष साक्षरता 94.18 प्रतिशत और महिला साक्षरता 73.20 प्रतिशत है। जिले में 1573 पुरुष एवं 19976 महिला सहित कुल 21549 निरक्षर चिन्हित किये गये हैं जिन्हें 5249 ज्ञानमित्रों द्वारा साक्षर बनाया जा रहा है।

समर्थ गांव योजना के तहत जिला, ब्लॉक और क्लस्टर स्तर पर प्रशिक्षण कार्यशाला के साथ-साथ पुस्तिकाएं और स्टेशनरी भी उपलब्ध कराई गई है। शिक्षित व्यक्ति, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, छात्र, युवा क्लब, स्वयं सहायता समूह गांव में ज्ञान मित्र के रूप में कार्य करते हैं और सप्ताह में तीन दिन निरक्षरों को व्यक्तिगत रूप से आपसी सहमति से समय निर्धारित कर पढ़ाते हैं।

समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा.ललित नारायण मिश्र, मुख्य शिक्षा अधिकारी कुलदीप गैरोला, सीडीपीओ संदीप कुमार, अजीज प्रेमजी फाउंडेशन से मीनाक्षी सहित खंड शिक्षा अधिकारी, सहायक अध्यापक, ब्लाक एवं संकुल समन्वयक, आंगनबाडी कार्यकत्री, मास्टर ट्रेनर आदि मौजूद रहे.

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