मसूरी। मॉल रोड सुधार कार्य जोर पकड़ता तो इस बीच लगातार बारिश के कारण मॉल रोड पर जगह-जगह तालाब दिखाई दे रहे हैं। जिससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ पर्यटकों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। मालरोड की इस दुर्दशा को देखकर पर्यटक भी अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
दरअसल माल रोड के सुधार के साथ-साथ सीवर लाइन और यमुना मसूरी पेयजल योजना लाइन के लिए पूरी मॉल रोड खुदी पड़ी है। पर्यटन सीजन से पहले इसे पूरा करने के लिए प्रशासन के साथ ही संबंधित विभागों के भी हाथ-पांव फूल गए थे, इस बीच बारिश ने सभी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मॉल रोड पर जहां तक नजर जाती है, हर जगह झील ही झील नजर आती है। कदम रखने तक की जगह नहीं बचती।सड़क खुदी होने के कारण इस हालत में न तो कोई वाहन आ सकता है और न ही कोई पैदल।

यहां आने वाले पर्यटक भी माल रोड की हालत देखकर हैरान रह जाते हैं। माल रोड सुधार कार्य में तेजी लाने को लेकर स्थानीय प्रशासन गंभीर है, लेकिन विभागीय समन्वय के अभाव में कार्य में तेजी नहीं आ सकी है. डिप्टी कलेक्टर लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं और संबंधित विभागों को काम में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं. लेकिन इस बीच बारिश ने सभी की मुश्किलें बढ़ा दी।
हालात यह हैं कि मॉल रोड पर चलने वाले लोगों के ऊपर कीचड़ लगा हुआ है और उनके कपड़े भी खराब हो रहे हैं. इतना ही नहीं व्यापारियों को भी परेशानी हो रही है। दुकानों में सामान खरीदने जा रहे पर्यटकों के पैरों से कीचड़ आ रहा है। बारिश से पहले धूल से दुकानदार परेशान थे और अब कीचड़ से परेशान हैं।
सीजन नजदीक है लेकिन बारिश के कारण काम बाधित होने से समय भी बर्बाद हो रहा है। यही स्थिति रही तो पर्यटन भी बुरी तरह प्रभावित होगा। क्योंकि मसूरी आने वाले सैलानी यहां से मसूरी की खराब छवि लेकर चलते हैं। आज हालत यह हो गई है कि जिनकी रोजी-रोटी माल रोड पर निर्भर है वे बेरोजगार हो गए हैं।
मालरोड पर रिक्शा चालकों और ट्रैकमैन की आजीविका पहले से ही पूरी तरह प्रभावित है। अगर यही स्थिति रही तो अगले पर्यटन सीजन में करेक्शन हो सकता है और इससे रेहड़ी-पटरी वालों, रिक्शा चालकों और तमाम कारोबारियों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा. बारिश थमते ही प्रशासन सभी विभागों को काम में तेजी लाने का निर्देश दे।जहां तक संभव हो सीजन से पहले मॉल रोड शांत हो जाए, वरना पहले दो साल कोरोना की मार झेलने वाली मसूरी को अब मॉल रोड सुधार का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
दून हस्तशिप बाज़ार का निरीक्षण करते कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी।


Recent Comments