देहरादून : रविवार को देहरादून कोर्ट परिसर में तैनात आरटीआई कार्यकर्ता और जाने-माने अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने अपने कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा को लेकर कई बड़े खुलासे किए. इस खुलासे के साथ ही पुख्ता तथ्यों के साथ उन्होंने इस पूरे मामले में विजिलेंस से शिकायत भी की है. विकेश सिंह नेगी ने मेयर पर अपने पद का दुरुपयोग कर बेहिसाब संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है।
इसी पत्रकार वार्ता में विकेश सिंह नेगी ने पत्रकारों से कहा कि देहरादून नगर निगम के मेयर सुनील उनियाल गामा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में विवादों में आ गए हैं. आरटीआई कार्यकर्ता अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने आरोप लगाया है कि मेयर गामा ने लोकसेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग कर बेहिसाब संपत्ति अर्जित की है.उनके मुताबिक गामा ने मेयर बनने के बाद 5 करोड़ 32 लाख रुपए की 11 संपत्तियां खरीदी हैं। इसका बाजार मूल्य 20 करोड़ से अधिक है। उन्होंने मेयर गामा की विजिलेंस से शिकायत की है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
साथ ही एडवोकेट नेगी के मुताबिक 2018 के चुनाव के समय सुनील उनियाल गामा ने लगभग 2.25 करोड़ की चल-अचल संपत्ति घोषित करते हुए शपथ पत्र दाखिल किया था. जिसमें उनके पास छरबा विकास नगर में 12600 वर्ग गज और 4500 वर्ग गज का प्लाट, बंजारवाला में 260 वर्ग गज का प्लाट, कालागांव और डोभालवाला में 200-200 वर्ग गज का प्लाट और डोभालवाला में ही 333 वर्ग गज का प्लॉट है। उन्होंने बताया कि इसकी कीमत करीब 2.25 करोड़ रुपये थी।
उधर, अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी के मुताबिक देहरादून मेयर बनने के बाद उन्होंने अपने, पत्नी शोभा उनियाल, बेटे शाश्वत के नाम पर अलग-अलग 11 संपत्तियां खरीदीं. जिसकी कीमत राजस्व रिकॉर्ड में 5 करोड़ 32 लाख 20 हजार है। अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी के अनुसार इस संपत्ति का बाजार मूल्य 20 करोड़ से अधिक है. उन्होंने कहा कि एक लोक सेवक ने आय से अधिक संपत्ति खरीदी है जो भ्रष्टाचार की श्रेणी में आती है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मामले की शिकायत पूरे दस्तावेजों के साथ विजिलेंस से कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मेयर गामा ने चुनाव लड़ने से पहले संपत्ति खरीदी थी, लेकिन चुनावी हलफनामे में इसका जिक्र नहीं किया। यह इलेक्शन एक्ट के खिलाफ है। चुनाव आयोग से शिकायत की जा रही है।
महंत से लीज पर ली गई जमीन भी भ्रष्टाचार की श्रेणी में… आरटीआई कार्यकर्ता विकेश सिंह नेगी का कहना है कि मेयर सुनील उनियाल गामा ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए गुरु राम राय दरबार महंत देवेंद्र दास से अपने बेटे शाश्वत के नाम पर तीन पट्टे शहर के प्रमुख स्थानों पर किये है । इनमें से एक लीज 29 साल और दो लीज 99-99 साल के लिए हैं। जिसका पट्टा निकट भविष्य में स्वत: समाप्त हो जाएगा क्योंकि दोनों पक्षों को इससे कोई आपत्ति नहीं होगी। इस बात का उल्लेख पट्टों की तीनों लीज डेट पर लिखा हुआ है।
वही नेगी के मुताबिक यह एक लोक सेवक के पद का पूरी तरह से दुरूपयोग है और पूरा मामला भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है. उन्होंने इस लीज को स्टांप ड्यूटी की चोरी करार दिया। यह भूमि कर जमा नहीं किया गया था। 99 साल की अवधि के लिए लीज डीड एकमुश्त बेची जाती है। महंत ने टैक्स चोरी भी की है। निगम ने महंत को टैक्स चोरी का नोटिस तक नहीं दिया। अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए.


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