श्रीनगर: पौड़ी के जिलाधिकारी आशीष चौहान शनिवार को अंकिता भंडारी के परिजनों से मिलने डोभ श्रीकोट पहुंचे. जहां उन्होंने अंकिता के परिवार से एक घंटे तक बात की। बैठक के दौरान डीएम ने अंकिता के परिजनों की समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया.

पौड़ी डीएम ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में पीड़ित परिवारों को प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया. इस बीच अंकिता के पिता ने डोभ स्थित नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि सीएम धामी ने पहले इस कॉलेज का नाम अंकिता के नाम पर रखने की घोषणा की थी.

डीएम से मुलाकात में अंकिता के पिता वीरेंद्र बिष्ट व अन्य ग्रामीणों ने कहा कि गांव को जाने वाली सड़क बहुत ही जर्जर है. इस सड़क पर डामरीकरण होने से ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी। साथ ही कहा कि गांव में पेयजल की समस्या है। ऐसे में पेयजल संकट का खामियाजा ग्रामीणों को भी भुगतना पड़ रहा है। ऐसे में यदि प्रशासन इन समस्याओं को दूर कर सके तो इसका लाभ ग्रामीणों को मिलेगा।

जिसके बाद डीएम पौड़ी आशीष चौहान ने कहा कि डोभ श्रीकोट के नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता के नाम पर करने के लिए सरकार से चर्चा की जाएगी. गांव को जाने वाली सड़क के बारे में संबंधित विभाग से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।

इसके साथ ही डीएम ने किसानों से मुलाकात भी की। इस दौरान डीएम ने जिले की ग्राम पंचायत डूंगरी में गेहूं की फसल पर की गई फसल कटाई की जिले में औसत फसल उपज एवं उत्पादन आंकडों के संकलन की समीक्षा की. राजस्व विभाग ने डूंगरी गांव के किसान ध्रुव सिंह के गेहूं के खेत में 30 वर्ग मीटर का प्लॉट बनाया और सीसीई एग्री ऐप के जरिए फसल काटने का काम किया.

जिसमें 8 किलो 550 ग्राम गेहूं की फसल प्राप्त हुई। डीएम ने खेत के नक्शे, मूल, रजिस्टर और भू-अभिलेख की जांच करते हुए किसानों द्वारा बोए गए गेहूं के बीज की जानकारी ली.

डीएम आशीष चौहान ने बताया कि फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर जिले में औसत फसल उपज और उत्पादन के आंकड़े तैयार किए जाते हैं. जिससे जिले में हो रहे उत्पादन की सही जानकारी मिल सके। फसली प्रयोगों से प्राप्त उत्पादन के आँकड़ों के आधार पर मुआवजे एवं फसल बीमा की राशि का निर्धारण किया जाता है।

समस्याओं के समाधान के लिए प्रखंड अध्यक्ष के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के पास पहुंचा