काशीपुर,
भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर के परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में आईआईएम काशीपुर और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता कंपनी मैक्स हेल्थकेयर लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए हॉस्पिटल मैनेजमेंट (अस्पताल प्रबंधन) में एक पीजी डिप्लोमा कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रोफेसर कुलभूषण बलूनी और मैक्स हेल्थ केयर लिमिटेड के वरिष्ठ निदेशक-एचआर उमेश गुप्ता ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। हॉस्पिटल मैनेजमेंट में नौ महीने का स्नातकोत्तर कार्यक्रम विशेष रूप से उन एक्सेक्यूटिव्स और प्रबंधकों के लिए उपयोगी होगा जो अस्पताल संचालन में अपनी विशेषज्ञता और बढ़ाना चाहते हैं। दोनों संस्थाओं ने संयुक्त अनुसंधान, सेमिनार और अन्य शैक्षणिक सहयोग आयोजित करने का भी निर्णय लिया।
इस अवसर पर प्रो. कुणाल गांगुली, डीन (डवलपमेंट), आईआईएम काशीपुर ने कहा कि यह समझौता आईआईएम काशीपुर के लिए अपनी एजुकेशन प्रोग्राम में विविधता लाने और हेल्थ केयर सेक्टर में योगदान करने की एक पहल है। उन्होंने कहा कि अपनी तरह का यह पहला कार्यक्रम इस साल के अंत तक आईआईएम काशीपुर में लॉन्च किया जाएगा, जिसके अन्तर्गत आईआईएम काशीपुर और मैक्स हेल्थकेयर दोनों की फैकल्टी द्वारा कक्षाएं ली जाएंगी साथ ही मैक्स अस्पतालों में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
मैक्स हेल्थकेयर लिमिटेड के सीनियर डायरेक्टर-एचआर और चीफ पीपुल्स ऑफिसर उमेश गुप्ता ने कहा कि हेल्थ केयर सर्विस सेक्टर में तेजी के साथ ही अस्पतालों में कुशल प्रबंधकों की मांग भी बढ़ रही है। इसे ध्यान में रखते हुए हमने बहुत ध्यान के साथ एक मिक्सड प्रोग्राम तैयार किया है। यह कार्यक्रम मूल रूप से आईआईएम काशीपुर की प्रतिष्ठित फैकल्टी के लाइव लेक्चर, मैक्स हेल्थकेयर के सीनियर मैनेजमेंट के अनुभवों और अत्याधुनिक ई-लर्निंग कंटेंट से लैस है। नॉलेज, डिजिटल टूल और टेक्नोलॉजी के इस अनूठे मिश्रण में मैक्स हेल्थकेयर के व्यावहारिक अनुभव भी शामिल रहेंगे, इस तरह यह प्रतिभागियों को व्यापक स्किल सेट से लैस करेगा।
उल्लेखनीय है कि आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 के अनुसार सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात के रूप में भारत का स्वास्थ्य देखभाल खर्च वित्त वर्ष 2023 में 2.1 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है, जो वित्त वर्ष 2012 में 2.2 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2011 में 1.6 प्रतिशत था। वहीं, 2030 तक वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल बाजार का काफी विस्तार होगा। स्वास्थ्य सेवा उद्योग की वृद्धि और अस्पतालों में कुशल संचालन प्रबंधकों की असाधारण मांगों को देखते हुए यह मिश्रित कार्यक्रम स्वास्थ्य उद्योग में कुशल कार्यबल की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करेगा। हाल में शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ)-2023 रैंकिंग में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर भारत के शीर्ष 50 प्रबंधन संस्थानों/कॉलेजों की 2021 में एनआईआरएफ रेटिंग में 33वें स्थान से बढ़कर 2023 में 19वें स्थान पर पहुंच गया है। इसके अलावा, संस्थान के एक आधिकारिक बयान के अनुसार इस साल आईआईएम काशीपुर से प्लेसमेंट में सबसे अधिक वार्षिक वेतन 37 लाख रुपए रहा, जबकि औसत कॉस्ट-टू-द कंपनी (सीटीसी) 18.11 लाख रुपए रही।


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