ये जो रोड है वो दो सो साल पुरानी है। 1830 से ये सार्वजनिक रूप से लोगो के लिए आने जाने के लिए बनी है
मसूरी :
मसूरी निवासी मौ० शोएब आलम ने RTI के द्वारा मांगी गई जाकारी में इस बात का खुलासा हुवा है की जिस जमीन पर पर्यटन विभाग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है दरअसल वो जमींन अभी भी नगर पालिका मसूरी के नाम दर्ज़ है। सबसे खास बात ये है की पर्यटन विभाग ने वो जमीन किसी प्राइवेट कंपनी को लीज पर दे रखी है और वो एंट्री की नाम पर पैसे वसूल रहे है।
थोड़ा आपलोगो को बता दे की जो जमीन पर्यटन विभाग ने लीज पर थी है उसके साथ कुछ निजी सम्पति भी है और उसका रास्ता भी वही है जहा पर प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है और ये आम रास्ता है जिस पर अभी बैरियर लगाया गया है।
पिछले काफी समय जॉर्ज एवेरेस्ट हाउस की प्रवेश और पार्किंग शुल्क लेकर स्थानीय, पर्यटकों का पर्यटन विभाग के साथ विवाद चल रहा है। आये दिन वहां की हंगामे की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती है।
सूचना के अधिकार में ये निम्नलिखित सूचनाएं मांगी गई थी
हाथीपांव स्थित कॉमन पार्क एस्टेट रोड़ (कॉमन पैसेज ) पर पर्यटन विभाग द्वारा बैरियर लगाकर आवाजाही हेतु शुल्क वसूला जा रहा है। उनके द्वारा पर्यटन विभाग से कॉमन पार्क एस्टेट रोड़ के स्वामित्व के संबंध में सूचना मांगी गयी है। वांछित सूचना के क्रम में पर्यटन विभाग द्वारा अवगत कराया गया है कि पार्क एस्टेट रोड़ पर्यटन विभाग के स्वामित्व की है लेकिन स्वामित्व संबंधी कोई अभिलेख सूचना में उपलब्ध नहीं कराये गये हैं ।
पर्यटन विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि कॉमन पार्क एस्टेट रोड़ पर्यटन विभाग की संपत्ति है जबकि में सूचित किया गया है कि नगर पालिका परिषद् द्वारा पर्यटन_विभाग को भूमि हस्तान्तरित नहीं की गयी है । वांछित सूचना अपीलार्थी द्वारा यह जानने के लिए चाही गयी है कि कॉमन पार्क एस्टेट रोड़ पर बैरियर लगाकर पर्यटन विभाग द्वारा शुल्क वसूली किस अधिकार / आधार पर की जा रही है। सुनवाई के दौरान उपस्थित अपीलीय अधिकारी श्रीमती पूनम चंद एवं लोक सूचना अधिकारी के प्रतिनिधि यह स्पष्ट नहीं कर पाये कि कॉमन पार्क एस्टेट रोड़ का स्वामित्व पर्यटन विभाग का है। उपस्थित अधिकारियों द्वारा मौखिक अवगत कराया गया कि इस रोड़ पर शुल्क पर्यटन विभाग द्वारा नहीं बल्कि जार्ज एवरेस्ट पार्क का संचालन कर रही निजी कंपनी द्वारा वसूला जा रहा है।
कुछ तथ्य जो सुनवाई के दौरान स्पष्ट :
सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि कॉमन पार्क एस्टेट रोड़ वर्षों से सार्वजनिक सड़क है जिस पर आवाजाही हेतु कभी कोई शुल्क नहीं दिया गया। इस मार्ग पर आवाजाही हेतु शुल्क पर्यटन विभाग के नाम से वसूला जा रहा है जिससे, स्थानीय निवासियों एवं निजी संपत्ति के स्वामियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रस्तुत अपील में नगर पालिका मसूरी द्वारा हाथीपांव स्थित कॉमन पार्क एस्टेट रोड़ पर मय मानचित्र स्थिति स्पष्ट करने के उपरांत पर्यटन विभाग यह स्पष्ट नहीं कर पाया है कि किस आधार पर विभाग द्वारा कामन पार्क एस्टेट रोड़ पर निजी कंपनी को बैरियर स्थापित करने की अनुमति प्रदान की गयी ।
सुनवाई के दौरान पर्यटन विभाग द्वारा प्रस्तुत तथ्यों पर आपत्ति करते हुए अपीलार्थी द्वारा कथन किया गया कि वांछित सूचना के संबंध में लोक सूचना अधिकारी द्वारा भ्रामक स्थिति उत्पन्न की जा रही है। कामन पार्क एस्टेट रोड़ पर्यटन विभाग की संपत्ति के अंतर्गत है तो इसका अभिलेखीय प्रमाण उपलब्ध कराया जाये एवं यदि यह पर्यटन विभाग की संपत्ति नहीं है तो बताया जाये कि इस मार्ग पर आवाजाही के लिए शुल्क की वसूली किस नियम के तहत हो रही है ।


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