मसूरी : महिला मोर्चा अध्यक्ष गीता कुमाई की अध्यक्षता में उत्तराखंड राज्य के गठन में अहम भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया. मसूरी के एक होटल के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के देहरादून महानगर महामंत्री रतन सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस मौके पर उत्तराखंड आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले शहीदों व आंदोलनकारियों के परिजनों को शॉल व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

शहीदों की शहादत से बना उत्तराखंड राज्य : मसूरी भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष गीता कुमाई ने कहा कि शहीदों और आंदोलनकारियों के कारण ही उत्तराखंड का निर्माण संभव हो सका है. उन्होंने कहा कि कई लोगों ने अपनी शहादत दी। उसके बाद 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड बना।उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी समय-समय पर राज्य के आंदोलनकारियों और शहीदों के परिवारों को सम्मानित करती रही है। जिसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के 100वें संस्करण को उत्साहपूर्वक मनाते हुए राज्य के आंदोलनकारियों और शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया गया है।

युवाओं को संस्कृति से जोड़ना जरूरी: उन्होंने कहा कि प्रदेश की संस्कृति और आंदोलन को वर्तमान पीढ़ी से परिचित कराना जरूरी है। ताकि वह अपनी संस्कृति और राज्य से जुड़ा रहे। उन्होंने कहा कि अगर राज्य के आंदोलनकारियों ने सड़कों पर शहादत न दी होती तो शायद आज उत्तराखंड नहीं बन पाता. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पर्वतों के विकास के लिए बना है। जिसके लिए प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी की सरकार लगातार काम कर रही है।

सम्मानित किया गया : आंदोलनकारी व शहीद हंसा धनाई, शहीद बलबीर नेगी, शहीद मदन मोहन मंमगई, अमर शहीद धनपत सिंह, अमर शहीद बेलमति चौहान, अमर शहीद राय सिंह बंगारी, स्वः राधेश्याम तायल, स्वः अमीचंद मंगला, स्वः राजेंद्र सिंह पंवार के परिवारों के सदस्यों के साथ ही अन्य को भी सम्मानित किया गया।