नैनबाग। जौनपुर क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले विकास पुरुष स्वर्गीय सरदार सिंह रावत की 24वीं पुण्यतिथि नैनबाग में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और आम नागरिकों ने मुख्य बाजार स्थित स्मारक पर पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम के दौरान आगामी 25वीं पुण्यतिथि को भव्य रूप से मनाने का निर्णय भी लिया गया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्व. सरदार सिंह रावत एक निस्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ता और कुशल राजनेता थे, जिन्होंने पूरे जीवन क्षेत्र के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका जन्म 14 अगस्त 1944 को नैनबाग के मूल निवास ग्राम टटोर में हुआ था। उनके पिता स्व. गुमान सिंह रावत और माता स्व. गुन्दा देवी किसान थे। शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्होंने वर्ष 1964 में नैनबाग में जूनियर हाई स्कूल की स्थापना के पश्चात अवैतनिक रूप से अध्यापन कार्य कर जनसेवा की मिसाल पेश की।

जनसेवा की भावना से प्रेरित होकर उन्होंने वर्ष 1972 में राजनीति में प्रवेश किया और ग्राम पंचायत टटोर-पाब से निर्विरोध प्रधान चुने गए। इसके बाद 1983 में विकास खंड जौनपुर के ब्लॉक प्रमुख पद पर रहते हुए उन्होंने कांग्रेस पार्टी सहित विभिन्न दायित्वों के माध्यम से क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए। पृथक उत्तराखंड राज्य गठन के बाद विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान 7 फरवरी 2002 को उनका निधन हो गया।

कार्यक्रम में डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि ग्राम पंचायत टटोर द्वारा 250 नाली भूमि निःशुल्क दान किए जाने के बाद नैनबाग को तहसील जैसी सुविधाएं मिलीं, जिससे क्षेत्र की जनता को विकास का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्व. सरदार सिंह रावत ने अपना पूरा जीवन क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित कर दिया और सभी दलों को साथ लेकर चलने की सोच के साथ काम किया।

इस अवसर पर सीताराम सिंह पंवार, डॉ. बिरेंद्र सिंह रावत, दीवान सिंह, विक्रम सिंह कैंतुरा, प्रदीप कवि, सोबत सिंह कैंतुरा, सत्य सिंह रावत, शरण सिंह पंवार, व्यापार मंडल अध्यक्ष अमित रावत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।