राज्यपाल गुरमीत सिंह बोले— युवा शक्ति के बल पर भारत बनेगा विश्वगुरु

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने मंगलवार को लोक भवन में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम “विकसित भारत 2047” के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों से संवाद किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विकसित भारत 2047 के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार प्रस्तुत किए। क्रमवार दिए गए संबोधनों में युवा भारत के नेतृत्व, दृष्टि और आत्मविश्वास की स्पष्ट झलक देखने को मिली।

कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने विकसित भारत 2047 को लेकर अपने संकल्प और दृष्टिकोण को प्रभावशाली ढंग से रखा। विद्यार्थियों ने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार, आत्मनिर्भरता, डिजिटल सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों पर आधारित समाज का निर्माण भी इसका अभिन्न हिस्सा है। युवाओं ने राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति को सबसे मजबूत आधार बताते हुए अपना पूर्ण योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया।

राज्यपाल ने युवाओं के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की स्पष्ट सोच और दूरदर्शी दृष्टिकोण यह दर्शाते हैं कि युवा सामर्थ्य के बल पर भारत को विकसित राष्ट्र और विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किया गया सशक्त विजन और स्पष्ट रोडमैप अत्यंत प्रशंसनीय है।
राज्यपाल ने युवाओं को नए भारत की आशा और भविष्य का नेतृत्वकर्ता बताते हुए कहा कि बड़े लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अतिरिक्त परिश्रम, निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प आवश्यक है। जब अन्य लोग थक जाएं, तब भी लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ते रहना ही सफलता की कुंजी है।

उन्होंने युवाओं से असीमित सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और मेहनत से प्रयास करने का आह्वान किया। साथ ही दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्म-अनुशासन, आत्मसंयम, साहस और चरित्र निर्माण पर बल देते हुए समाज के प्रति सकारात्मक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी। अंत में राज्यपाल ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

कार्यक्रम में वेलहम गर्ल्स स्कूल देहरादून, शिक्षांकुर द ग्लोबल स्कूल, टोन्स ब्रिज स्कूल, सेंट जोसेफ अकादमी देहरादून तथा सेंट जॉर्ज कॉलेज, मसूरी के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।