मसूरी : शिफन कोर्ट के बेघर लोगों का वादा निभाओं आंदोलन नौवें दिन भी जारी रहा. वहीं शिफन कोट के बेघर लोगों ने शहीद स्थल से लेकर नगर पालिका तक धरना दिया, जिसमें पूर्व कमिश्नर एसएस पांगती सहित कांग्रेस व उक्राद के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की. और नगर निगम परिसर में जमकर प्रदर्शन किया ।

शिफन कोट के बेघरों के शहीद स्थल पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के तहत आंदोलनकारियों ने नगर पालिका का घेराव कर नगर पालिका अध्यक्ष, विधायक व मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि दोनों की मिलीभगत की वजह से आंदोलनकारियों ने धरना दिया. नगर पालिका के कर्मचारियों ने नगर पालिका के खिलाफ प्रदर्शन किया। गरीबों को बेघर घोषित नहीं किया गया। वहीं, शिफन कोट के बेघर लोगों के आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक दल लगातार समर्थन दे रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान उक्रांद के केंद्रीय प्रवक्ता शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि जब तक इन मजदूरों को न्याय नहीं मिल जाता, इनके आंदोलन का समर्थन किया जाएगा. उन्होंने मंत्री गणेश जोशी और नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता पर उनके सपनों और उनसे किए वादों का सौदा करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण लड़ाई है और जब तक उन्हें आवास नहीं मिल जाता तब तक वह आंदोलन का समर्थन करते रहेंगे।उन्होंने कहा कि वह पहाड़ के हैं और उनके वोट से जीते हैं, लेकिन आज कोई ध्यान नहीं दे रहा है. उक्रांद विधानसभा का शिफन कोट के बेघरों के लिए घेराव करेगा।

इस अवसर पर बोलते हुए कांग्रेस प्रवक्ता पंकज क्षेत्री ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने चुनाव से पहले उनका समर्थन किया था और वोट लेने के बाद उनका विरोध किया था और उनकी मांगों को पूरा नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आगामी 13 से विधानसभा सत्र के दौरान गैर सैंण में प्रदर्शन किया जायेगा. उधर, मुख्यमंत्री ने आईडीएच में भूमिपूजन किया लेकिन उसके बाद भी उनका आवास नहीं बना। और अगले चुनाव में कांग्रेस उन्हें घर बैठाने का काम करेगी।

आंदोलन के संयोजक प्रदीप भंडारी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है, उन्हें सब कुछ सिखाया जाएगा। मंत्री गणेश जोशी व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता अपने साथ किये गये वादों को पूरा करें अन्यथा विरोध होगा. वहीं तीन साल बाद भी वहां रोपवे नहीं लगा है। कल गणेश जोशी मसूरी आए थे, उन्हें बुलाया गया था, लेकिन वे नहीं आए, वहीं पालिकाध्यक्ष प्रदर्शन के दौरान भाग गये आखिर कब तक भागते रहेंगे। वहीं उन्होंने कहा कि 13 मार्च को गैरसैण में प्रदर्शन किया जाएगा।

उधर, सदस्य प्रताप पंवार ने कहा कि नगर पालिका व प्रदेश सरकार इनका फुटबाल बना रही है। और आज तक उन्हें अपना ठिकाना नहीं मिला है। नगर पालिका की ओर से दो लाइन प्रस्तावित की गई है, वहीं बोर्ड बैठक न कर उन्हें गुमराह किया जा रहा है, यहां तानाशाही चल रही है, जिसका खुलकर विरोध किया जाएगा।

पूर्व आयुक्त गढवाल एसएस पांगती, सैन्य अधिकारी पीसी थपलियाल, उक्रांद के शिव प्रसाद सेमवाल, संजय डोभाल, राजेंद्र पंत, राज्य आंदोलनकारी प्रमिला रावत, कांग्रेस नेता पंकज क्षेत्री, सामाजिक कार्यकर्ता मनीष गौनियाल, सुमित्रा कंडारी, कुशा देवी, सुषमा बिष्ट, गीता देवी, लक्षमी देवी, संपति लाल, खिलानंद नौटियाल, जगत लाल, शिव लाल सहित आंदोलनकारी इस मौके पर मौजूद रहे।

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