देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM

उत्तराखंड में कोरोना का कहर अभी भी जारी है. कोरोना की दूसरी लहर से प्रदेश के चार लाख से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया है. उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) द्वारा इस वर्ष लगभग छह प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन प्रस्तावित किया गया था। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के बीच आयोग ने इन सभी परीक्षाओं को फिलहाल के लिए टाल दिया है. वहीं, आने वाले समय में ये परीक्षाएं कब होंगी, यह पूरी तरह से कोरोना संक्रमण की स्थिति पर निर्भर करेगा.

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष आयोग द्वारा एलटी शिक्षक भर्ती परीक्षा के साथ स्नातक, इंटरमीडिएट स्तर की भर्ती परीक्षाएं भी आयोजित की जानी थीं। लेकिन ये सभी परीक्षाएं कोरोना के कारण स्थगित कर दी गई हैं। इसके अलावा सहायक लेखाकार, वन अधिकारी और सचिवालय सुरक्षा कर्मियों की प्रतियोगी परीक्षा भी फिलहाल के लिए स्थगित कर दी गई है. इन सभी परीक्षाओं के लिए करीब 4.75 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। लेकिन अब इन सभी उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल होने के लिए लंबा इंतजार करना होगा.

स्थगित परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या

• परीक्षा आवेदनकर्ता सहायक लेखाकार 11 हजार.
• सचिवालय सुरक्षाकर्मी 12 हजार.
• एलटी शिक्षक भर्ती 45 हजार.
• वन दारोगा 80 हजार.
• इंटरमीडिएट स्तर 1.20 लाख.
• स्नातक स्तर 2.19 लाख.

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा कोरोनाकाल में स्थगित की गई यह सभी परीक्षाएं भविष्य में कब तक आयोजित की जाएंगी यह पूरी तरह से कोरोना संक्रमण के ग्राफ पर निर्भर करेगा.

संतोष बडोनी का कहना है कि अगर कोरोना संक्रमण की स्थिति सामान्य होती है तो आयोग पहले वह परीक्षा कराएगा। जिसमें सबसे कम आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसी की तर्ज पर शेष अन्य स्थगित परीक्षाएं भी आवेदकों की संख्या के आधार पर कराई जाएंगी। जिससे परीक्षा केंद्रों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के अन्य बिंदुओं का पूरी तरह पालन कराया जा सकें.