हल्द्वानी , PAHAAD NEWS TEAM

उत्तराखंड में दो साल पहले हुई पंचायत चुनाव ड्यूटी के लिए जिला प्रशासन द्वारा 150 छोटे-बड़े वाहनों का अधिग्रहण किया गया था. जिसमें 78 वाहनों का संचालन किया गया। लेकिन इन वाहनों को अपने भुगतान के पैसों को लेने के लिए करीब 2 साल से अधिक का समय लग गया । इतना ही नहीं कई ऐसे वाहन मालिक हैं जिनका न्यूनतम भुगतान 53 रुपये से लेकर 200 रुपये तक है।

बता दें कि परिवहन विभाग हल्द्वानी ने दो साल पहले पंचायत चुनाव में 150 वाहनों का अधिग्रहण किया था। जिसमें 78 वाहनों का संचालन किया गया था । उस दौरान चालकों को वाहन में डालने के लिए केवल तेल दिया जाता था और शेष भुगतान जल्द देने की बात कही गई थी. लेकिन विभाग को भुगतान करने में 2 साल से अधिक का समय लग गया।

वहीं, परिवहन विभाग ने 2 साल बाद ड्राइवरों को भुगतान किया है। लेकिन उनमें से कुछ ऐसे ड्राइवर हैं। जिन्हें 53 रुपये से लेकर करीब 200 रुपये तक का ही भुगतान किया गया है. ऐसे में अब इतनी कम राशि का चेक देखकर वाहन चालक हैरान हैं. चालकों का कहना है कि 2 साल से अधिक समय के इंतजार के बाद उन्हें इतनी कम राशि दी गई है. जो उनका पूरा मेहनताना भी नहीं है।

संभागीय परिवहन अधिकारी राजीव मेहरा का कहना है कि पंचायत चुनाव के दौरान जो भी टैक्सी वाहनों का अधिग्रहण किया गया था. उस दौरान जरूरत के हिसाब से उन्हें ईंधन दिया गया था । कई वाहन चालकों ने किराए के एवज में ईंधन डलवा लिया था । जिससे उनकी भुगतान राशि कम हो गई है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे टैक्सी ड्राइवर हैं जिनका किराया 2000 रुपये है, लेकिन उन्होंने इसके एवज में उस दौरान 1947 रुपए का तेल डलवा लिया था. जिसके बाद उनके ₹53 बच गए थे जिनका अब भुगतान किया गया है ।

आपको बता दें कि पंचायत चुनाव के दौरान जिन वाहनों का अधिग्रहण किया जाता है, उनके लिए कोई समझौता नहीं होता है. परिवहन विभाग अपने स्तर से वाहनों का अधिग्रहण कर उन्हें दैनिक किराया देता है।